Bullet Train : पंजाब और दिल्ली बीच चलेगी बुलेट ट्रेन, इन 321 गांव  के किसान हो जाएंगे मालामाल 

Bullet Train: बुलेट ट्रेन यानी उच्च गति वाली रेलगाड़ी (High-Speed Rail) जो आम ट्रेनों की तुलना में कई गुना तेज होती है। इसकी रफ्तार की बात करें तो ये 350 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ सकती है। बुलेट ट्रेन का सफर न सिर्फ तेज होता है बल्कि इसमें सफर करने का अनुभव भी एकदम प्रीमियम होता है। जापान चीन और यूरोप जैसे देशों में पहले से ही बुलेट ट्रेनों का जाल बिछा हुआ है। अब भारत भी इस रेस में तेजी से शामिल हो रहा है।Bullet Train

क्या है पूरा प्लान

भारत सरकार ने अब आधिकारिक तौर पर दिल्ली से अमृतसर तक बुलेट ट्रेन चलाने का ऐलान कर दिया है। इस प्रोजेक्ट को लेकर केंद्र सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है जिसके तहत हरियाणा और पंजाब के 343 गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इस ट्रेन की मदद से अब दिल्ली से अमृतसर का सफर महज दो घंटे में पूरा हो सकेगा। यह खबर सुनकर पंजाब-हरियाणा के लोगों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।Bullet Train

किन-किन स्टेशनों पर रुकेगी बुलेट ट्रेन?

बुलेट ट्रेन का रूट बहुत ही रणनीतिक तरीके से प्लान किया गया है ताकि ज्यादा से ज्यादा बड़े शहरों और कस्बों को जोड़ा जा सके। इस ट्रेन का रूट दिल्ली से शुरू होकर झज्जर बहादुरगढ़ सोनीपत पानीपत करनाल कुरुक्षेत्र अंबाला चंडीगढ़ लुधियाना जालंधर और अंत में अमृतसर तक जाएगा। कुल मिलाकर करीब 15 स्टेशन इस प्रोजेक्ट में प्रस्तावित हैं।Bullet Train

रफ्तार भी होगी कमाल की

इस बुलेट ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 350 किमी/घंटा तक होगी और औसतन यह 250 किमी/घंटा की स्पीड से दौड़ेगी। दिल्ली और अमृतसर के बीच कुल दूरी करीब 465 किलोमीटर है जिसे यह ट्रेन महज 2 घंटे में कवर कर लेगी। वहीं वर्तमान में यही दूरी पूरी करने में आम ट्रेन को 6 से 7 घंटे का वक्त लग जाता है। यानि अब लंबा सफर चुटकियों में पूरा होगा।Bullet Train

यात्रियों की संख्या और सुविधा Bullet Train

इस बुलेट ट्रेन में एक बार में करीब 750 यात्री सफर कर सकेंगे। ट्रेन में एयरलाइन जैसी सीटिंग (Seating) अरेंजमेंट वाय-फाय (Wi-Fi) ऑटोमेटिक स्लाइडिंग डोर शांत और कम कंपन वाली राइड और अत्याधुनिक सुरक्षा फीचर्स होंगे। यानी सिर्फ रफ्तार ही नहीं सफर भी रॉयल होगा।Bullet Train

जमीन अधिग्रहण की पूरी डिटेल

इस हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के लिए सरकार को 343 गांवों की जमीन अधिग्रहित करनी है जिसमें सबसे ज्यादा जमीन पंजाब से ली जाएगी। पंजाब में ही 186 गांवों की जमीन ली जाएगी।

इसमें शामिल जिले कुछ इस प्रकार हैं:

जालंधर: 49 गांव

मोहाली: 39 गांव

लुधियाना: 37 गांव

फतेहगढ़ साहिब: 25 गांव

अमृतसर: 22 गांव

कपूरथला: 12 गांव

रूपनगर और तरनतारन: 1-1 गांव

सरकार ने साफ कर दिया है कि किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा मार्केट रेट से पांच गुना अधिक मिलेगा। इससे किसान भी इस प्रोजेक्ट को लेकर संतुष्ट नजर आ रहे हैं।

हरियाणा में भी होगा बड़ा असर

हरियाणा में इस प्रोजेक्ट का जबरदस्त इम्पैक्ट पड़ेगा। यहाँ से बुलेट ट्रेन बहादुरगढ़ झज्जर सोनीपत पानीपत करनाल कुरुक्षेत्र अंबाला जैसे शहरों से गुजरेगी। इससे इन शहरों का सीधा कनेक्शन दिल्ली और पंजाब के बड़े शहरों से हो जाएगा जिससे रोजगार (Employment) व्यापार (Business) और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को काफी बढ़ावा मिलेगा।

प्रोजेक्ट की लागत

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर करीब 61000 करोड़ रुपये की लागत आएगी। लेकिन यह लागत आने वाले वक्त में लाखों लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगी। इसके चलते बुलेट ट्रेन स्टेशनों के आसपास सड़कें बस स्टॉप टैक्सी स्टैंड होटल्स और बाजार जैसे कई नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत होगी।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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