Bulldozer : गुरुग्राम के पॉश इलाके की मार्केट होगी ध्वस्त, अवैध शोरूम और दुकानों को DTPE का 15 दिन का अल्टीमेटम

DLF फेज-4 गैलेरिया रोड पर चलेगा Bulldozer : DTPE का सख्त आदेश : 'खुद हटा लो अतिक्रमण, नहीं तो भुगतना होगा अंजाम'

Bulldozer : साइबर सिटी के सबसे पॉश इलाकों में शुमार डीएलएफ फेज-4 गैलेरिया रोड पर जल्द ही प्रशासन का बड़ा पीला पंजा (बुलडोजर) चलने वाला है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (DTPC) ने गैलेरिया रोड स्थित लाइसेंसी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण और व्यावसायिक अतिक्रमण के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग ने संबंधित पक्षों को दो टूक लहजे में 15 दिनों के भीतर सभी अवैध ढांचे हटाने का अंतिम अल्टीमेटम जारी कर दिया है। यदि तय समय सीमा में यह अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो विभाग बिना कोई और नोटिस दिए खुद डिमोलिशन ड्राइव (तोड़फोड़ की कार्रवाई) शुरू कर देगा।

20 साल पुराने लाइसेंस का खेल, बिना अप्रूवल के तने शोरूम : Bulldozer

जिला नगर योजनाकार एन्फोर्समेंट (DTPE) अमित मधोलिया द्वारा जारी स्पीकिंग ऑर्डर के मुताबिक, चक्करपुर क्षेत्र में स्थित इस कमर्शियल कॉलोनी की भूमि के लिए साल 2004 में लाइसेंस नंबर 85 जारी किया गया था। रिकॉर्ड बताते हैं कि इस कॉलोनी का बिल्डिंग प्लान विभाग से कभी स्वीकृत (Approve) ही नहीं हुआ और साल 2006 में इस लाइसेंस की अवधि भी समाप्त हो गई।

इसके बावजूद, नियमों को ताक पर रखकर इस प्राइम लोकेशन पर बिना स्वीकृत भवन योजना के धड़ल्ले से कई अवैध दुकानें, शोरूम और अन्य व्यावसायिक ढांचे खड़े कर दिए गए। विभाग ने इसे हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरियाज एक्ट, 1975 की धारा 3बी का सीधा उल्लंघन माना है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आया एक्शन मोड : Bulldozer

इस विवादित जमीन को लेकर पिछले कई वर्षों से कानूनी जंग चल रही थी। मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सिविल कोर्ट भी इन निर्माणों को पहले ही अनधिकृत घोषित कर चुका है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का निपटारा करते हुए डीटीपीई (DTPE) को कानून के दायरे में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। शीर्ष अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि निजी पक्षों के बीच चल रही कोई भी आर्बिट्रेशन (मध्यस्थता) कार्यवाही, विभाग की वैधानिक और कानूनी कार्रवाई का रास्ता नहीं रोक सकती। अदालत के इसी कड़े रुख के बाद गुरुग्राम प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है।

कब्जेदार खुद हटाएं निर्माण, वरना मलबे के साथ वसूली जाएगी ‘लेबर कॉस्ट’ : Bulldozer

टाउन प्लानिंग विभाग ने आदेश में स्पष्ट कहा है कि संबंधित लाइसेंसी कंपनी इस बेशकीमती जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखने में पूरी तरह नाकाम रही। यही नहीं, बिना विभागीय अनुमति के इस प्रोजेक्ट में हिस्सेदारी भी ट्रांसफर की गई।

DTPE अमित मधोलिया का स्पष्ट रुख: “संबंधित पक्षों को 15 दिनों के भीतर अपने सभी अवैध निर्माण हटाकर जमीन को उसकी मूल स्थिति में वापस लाने का आदेश दिया गया है। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो विभाग खुद बुलडोजर चलाकर इसे ध्वस्त करेगा। खास बात यह है कि इस तोड़फोड़ और बुलडोजर अभियान में आने वाला पूरा खर्च भी उन्हीं दोषी पक्षों से भू-राजस्व (Land Revenue) बकाया की तरह वसूला जाएगा।”

गुरुग्राम में सड़कों और ग्रीन बेल्ट को अतिक्रमण मुक्त करने के लिए चल रहे मौजूदा अभियान के बीच, पॉश इलाके डीएलएफ फेज-4 की इस कार्रवाई से शहर के अन्य बड़े अतिक्रमणकारियों और अवैध कमर्शियल एक्टिविटी चलाने वालों में हड़कंप मच गया है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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