BS IV Vehicles: आज से दिल्ली नहीं जा पाएंगे बीएस-4 वाहन, 60 हजार गाड़ियों के दिल्ली जाने पर पाबंदी
एनसीआर में प्रदूषण की मार: गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर 5 जगह पुलिस तैनात, 10 हजार करोड़ रुपये के व्यापारिक माल परिवहन पर असर पड़ने की आशंका

BS IV Vehicles/गुरुग्राम (NCR)
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए 1 नवंबर आज से कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। नए आदेशों के तहत दिल्ली में BS IV Vehicles के वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इस फैसले का सीधा और बड़ा असर गुरुग्राम के आम नौकरीपेशा लोगों, उद्योगपतियों और ट्रांसपोर्टर्स पर पड़ने जा रहा है। इस प्रतिबंध से अकेले गुरुग्राम की करीब 60 हजार व्यावसायिक गाड़ियों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लग गई है, जिससे एनसीआर में करीब 10,000 करोड़ रुपये के सामान की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना है।
सीमाओं पर भारी पुलिस बल तैनात, RC और PUC की सख्त जांच : BS IV Vehicles
BS IV Vehicles प्रतिबंध को सख्ती से लागू कराने के लिए परिवहन विभाग और ट्रैफिक पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। गुरुग्राम-दिल्ली बॉर्डर पर 5 प्रमुख स्थानों पर विशेष पुलिस टीमें तैनात की गई हैं। दिल्ली जाने वाले प्रत्येक BS IV Vehicles के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) और पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की गहनता से जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वाहनों को जब्त करने के आदेश दिए गए हैं।
डीजल कार मालिकों की बढ़ी मुश्किलें, 15 और 10 साल का नियम लागू : BS IV Vehicles
इस नए नियम से रोजाना गुरुग्राम से दिल्ली आने-जाने वाले हजारों नौकरीपेशा लोगों और कारोबारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
निजी वाहन: जिले में करीब 1.5 लाख BS-4 कारें रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 40 हजार डीजल कारें हैं। प्रतिबंध की सबसे ज्यादा गाज इन्हीं डीजल कार चालकों पर गिरेगी।
पुराने वाहनों पर नजर: पेट्रोल वाहनों के लिए 15 साल और डीजल वाहनों के लिए 10 साल की सीमा का सख्त पालन कराया जा रहा है। valid PUC सर्टिफिकेट रखना सभी के लिए अनिवार्य है।
उद्योग और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर: माल ढुलाई के लिए BS-6 ही विकल्प : BS IV Vehicles
गुरुग्राम ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार, इस फैसले से क्षेत्र के लगभग 20 प्रतिशत व्यावसायिक वाहनों के पहिए थम जाएंगे। इनमें टैक्सी, बस और ट्रक शामिल हैं।
ट्रांसपोर्टर्स ने स्पष्ट किया है कि वे सरकार के आदेशों का पालन करेंगे और BS-4 की जगह BS-6 (भारत स्टेज 6) वाहनों का ही उपयोग करेंगे। हालांकि, BS-6 वाहनों के सीमित विकल्प के कारण एनसीआर के भीतर माल पहुंचाने में 2 से 3 दिनों की देरी हो सकती है, जिससे आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित होगी।
