Property Demand गुरुग्राम के बाद अब फरीदाबाद बना रियल एस्टेट का नया ‘हॉटस्पॉट’, प्रॉपर्टी की कीमतों में भारी उछाल
निवेशकों की पहली पसंद बना 'ग्रेटर फरीदाबाद'; एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से आसमान छू रहे हैं घरों के दाम

Property Demand : “जेवर एयरपोर्ट का ‘इफेक्ट’: फरीदाबाद में बढ़ी प्रॉपर्टी की मांग”
दिल्ली-एनसीआर के रियल एस्टेट बाजार में लंबे समय से गुरुग्राम और नोएडा का दबदबा रहा है, लेकिन अब फरीदाबाद भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। हाल के वर्षों में बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और बड़े कमर्शियल डेवलपमेंट की बदौलत यह शहर एक प्रमुख निवेश गंतव्य (Real Estate Destination) के रूप में मजबूती से उभरा है। अब यहाँ केवल किफायती घर ही नहीं, बल्कि प्रीमियम रेजिडेंशियल और आधुनिक ऑफिस स्पेस की मांग भी तेजी से बढ़ रही है।
फरीदाबाद के विकास को गति देने में फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (FNG) एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मथुरा रोड की बड़ी भूमिका है। इसके साथ ही, आगामी फरीदाबाद-जेवर एक्सप्रेसवे एक ऐसी परिवर्तनकारी परियोजना है जो शहर को सीधे भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डों में से एक ‘जेवर एयरपोर्ट’ से जोड़ेगी। इस सीधी कनेक्टिविटी की वजह से ग्रेटर फरीदाबाद (नहरपार) के क्षेत्र में प्रॉपर्टी के मूल्यों में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है।
दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर की सफलता के बाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ने वाला प्रस्तावित ₹15,000 करोड़ का नमो भारत (RRTS) कॉरिडोर इस क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। NCRTC द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, इस हाई-स्पीड कॉरिडोर से फरीदाबाद से अन्य शहरों का सफर एक घंटे से भी कम रह जाएगा। यह सुगम यात्रा सुविधा फरीदाबाद को दिल्ली-एनसीआर का एक बड़ा ‘रियल एस्टेट गेनर’ बनाने की दिशा में अग्रसर कर रही है।

आज फरीदाबाद केवल एक औद्योगिक शहर नहीं, बल्कि एक आधुनिक रेजिडेंशियल हब बन रहा है। बेहतर मेट्रो विस्तार, चौड़ी सड़कें और आगामी एयरपोर्ट कनेक्टिविटी ने घर खरीदारों और निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे के इन बड़े प्रोजेक्ट्स ने फरीदाबाद को विकास की उसी मुख्यधारा में लाकर खड़ा कर दिया है, जहाँ आज गुरुग्राम और नोएडा जैसे शहर हैं।











