BIG News : निर्माणाधीन मकानों को थमा दिए कब्जा प्रमाण पत्र, सीएम फ्लाइंग और डीटीपी की जांच में हुआ खुलासा
मकानों के अंदर न किचन बने थे, न बाथरूम और न ही फर्श पर टाइल या पत्थर लगे थे।

BIG News : शहर में मकान मालिकों को सुविधा देने के लिए लागू की गई सरकार की ‘सेल्फ सर्टिफिकेशन’ (स्व-प्रमाणन) नीति अब विवादों के घेरे में है। गुरुग्राम में वास्तुकारों (Architects) द्वारा इस नीति का खुलेआम उल्लंघन करने का मामला सामने आया है, जिसमें बिना काम पूरा हुए ही निर्माणाधीन इमारतों को ‘कब्जा प्रमाण पत्र’ (OC) जारी कर दिए गए। यह खुलासा मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (CM Flying Squad) और नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) की संयुक्त छापेमारी में हुआ है।
गुरुवार दोपहर को मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के साथ डीटीपी योजना और डीटीपी प्रवर्तन कार्यालय की टीम ने सेक्टर-70ए स्थित बीपीटीपी एस्टेयर गार्डन, इम्पीरियल और ग्रीन ओक्स कॉलोनी में अचानक 22 मकानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अधिकारी उस वक्त हैरान रह गए जब 22 में से 14 इमारतें पूरी तरह निर्माणाधीन मिलीं।
कुछ मकान तो ऐसे थे जिनमें अभी प्लास्टर तक नहीं हुआ था और केवल ईंटों का ढांचा खड़ा था। मकानों के अंदर न किचन बने थे, न बाथरूम और न ही फर्श पर टाइल या पत्थर लगे थे। इसके बावजूद आर्किटेक्ट्स ने इन अधूरे ढांचों को रहने योग्य बताते हुए कब्जा प्रमाण पत्र जारी कर दिया।
तीन साल पहले तक मकानों की जांच के बाद विभाग खुद कब्जा प्रमाण पत्र जारी करता था। लेकिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और देरी के आरोप लगने के बाद सरकार ने वास्तुकारों को यह शक्तियां सौंप दीं। इस नीति के तहत वास्तुकार खुद जांच कर प्रमाण पत्र दे सकते हैं, बशर्ते मकान पूरी तरह नियमों के तहत बना हो।
विभाग की जिम्मेदारी केवल 10 प्रतिशत प्रमाण पत्रों की रैंडम जांच करने की थी, जिसका चयन मुख्यालय स्तर पर ड्रॉ के जरिए होता है। इसी छूट का फायदा उठाकर वास्तुकारों ने नियमों को ताक पर रख दिया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता के उप पुलिस अधीक्षक अभिमन्यू गोयत ने साफ किया कि वास्तुकारों ने हरियाणा सरकार के नियमों का उल्लंघन कर भारी गड़बड़ी की है। इस मामले में डीटीपी प्रवीण चौहान ने सख्त लहजे में कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वास्तुकारों की सूची तैयार की जा रही है।
इन सभी को न केवल काली सूची (Blacklist) में डाला जाएगा, बल्कि उनके लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश भी की जाएगी। भविष्य में ऐसी धांधली रोकने के लिए विभाग अब निगरानी को और भी कड़ा करने की योजना बना रहा है।