Bhondsi Jail लोक अदालत : जेल से बाहर आएंगे 10 विचाराधीन बंदी, जानें कैसे मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और बताया कि कोई भी बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र देकर निःशुल्क अधिवक्ता (Free Lawyer) की सुविधा प्राप्त कर सकता है।

Bhondsi Jail : हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला कारागार भौंडसी में बुधवार को जेल लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस विशेष अदालत के दौरान सुनवाई के बाद 10 विचाराधीन बंदियों को मौके पर ही रिहा करने के आदेश जारी किए गए, जिससे उन्हें लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बड़ी राहत मिली है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के सचिव राकेश कादियान ने जेल का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहा कि जेल लोक अदालत का प्राथमिक उद्देश्य छोटे अपराधों में बंद विचाराधीन बंदियों के मामलों का त्वरित निस्तारण करना है।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और बताया कि कोई भी बंदी एक साधारण प्रार्थना-पत्र देकर निःशुल्क अधिवक्ता (Free Lawyer) की सुविधा प्राप्त कर सकता है।
सचिव ने कारागार में संचालित ‘लीगल ऐड क्लिनिक’ का अवलोकन किया और महिला बंदियों के लिए चिकित्सीय सुविधाओं, स्वच्छता, साक्षरता और खान-पान की समीक्षा की। उन्होंने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों के रहन-सहन और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
प्रशासन ने आमजन और बंदियों के परिजनों को जानकारी दी कि राष्ट्रीय कानूनी सहायता हेल्पलाइन नंबर 15100 पर कॉल करके घर बैठे मुफ्त कानूनी परामर्श और सहायता प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जेल अधीक्षक, पैनल अधिवक्ता और विधिक सेवा प्राधिकरण के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।











