LGBTQ Grindr ऐप पर दोस्ती की, किराए पर स्कॉर्पियो ली और फिर मिलने के बहाने कर लिया अपहरण, चार आरोपी दबोचे

LGBTQ App : गुरुग्राम पुलिस ने सोशल ऐप Grindr के माध्यम से दोस्ती कर युवक का अपहरण कर फिरौती मांगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। महज 5 घंटे में क्राइम ब्रांच पालम विहार और थाना राजेंद्र पार्क की संयुक्त टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने न सिर्फ 20 वर्षीय युवक का अपहरण किया, बल्कि उससे 37 हजार रुपए की फिरौती भी वसूल ली थी। पुलिस ने दोनों अपहृत युवकों को सकुशल बरामद, एक स्कॉर्पियो कार और 11 मोबाइल फोन भी कब्जे में लिए हैं।
आरोपियों के पकड़ते ही हुआ बड़ा खुलासा
जब गुरुग्राम पुलिस आरोपियों के ठिकाने पर पहुंची तो बड़ा खुलासा हुआ है । पुलिस ने मौके से अपहरण किए गए दो युवक मौके पर मिले जिनको सकुशल बरामद कर लिया गया है । पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि शनिवार को ही आरोपियों ने करनाल से भी एक युवक का ऐसे ही अपहरण किया है । दोनों अपहृत युवकों को आरोपियों ने एक साथ रखा हुआ था ।

कैसे हुआ अपहरण — Grindr ऐप से दोस्ती, फिर मुलाकात के बहाने किडनैपिंग
6 दिसंबर की सुबह युवक पूजा करने सेक्टर-7 न्यू कॉलोनी स्थित गुरुद्वारे गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार की शिकायत पर थाना राजेंद्र पार्क में गुमशुदगी का मामला दर्ज किया गया।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि यह मामला साधारण गुमशुदगी नहीं, बल्कि अपहरण और फिरौती से जुड़ा है। क्राइम ब्रांच ने तकनीकी जांच की तो युवक की लोकेशन कुरुक्षेत्र के पास मिली।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उमरी चौक (कुरुक्षेत्र) से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों की पहचान
अजय (21) – आईटीआई पास, निवासी पिचोपा कलां, चरखी दादरी
दीपेश उर्फ दीपू (18) – आईटीआई पास, पिचोपा कलां
आशीष उर्फ गोलू (18) – बीए प्रथम वर्ष छात्र, पिचोपा कलां
अनिल (33) – 12वीं पास, निवासी गदराई, चरखी दादरी
गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने पीड़ित युवक को भी सुरक्षित बरामद कर लिया।
पीड़ित का खुलासा — नशे का इंजेक्शन देकर हरिद्वार ले जाने की कोशिश
बरामद युवक ने बताया कि
आरोपियों से उसकी दोस्ती 10 दिन पहले ग्राइंडर ऐप पर हुई थी।
6 दिसंबर की सुबह वे उससे द्वारका एक्सप्रेसवे गोलचक्कर सेक्टर-9 पर मिले।
आरोपियों ने उसे किराए की स्कॉर्पियो में बैठाया और जबरन किडनैप कर लिया।
रास्ते में नशे का इंजेक्शन देकर हरिद्वार ले जाने की योजना थी।
आरोपियों ने उसके परिवार से लगातार व्हाट्सऐप कॉल के जरिए फिरौती मांगी।
पीड़ित के आधार पर पुलिस ने मामले में धारा 140(2) BNS भी जोड़ दी है।
कैसे वसूली गई फिरौती — तीन खातों में ट्रांजैक्शन
आरोपियों ने कुल ₹37,000 फिरौती इस तरह वसूली—
₹21,000 एक बैंक खाते में (जो बाद में एक और अपहरण केस से जुड़ा निकला)
₹6,000 दूसरे खाते में
₹10,000 पीड़ित के मोबाइल के माध्यम से ट्रांसफर करवाए
जांच में पता चला कि ₹21,000 वाला खाता एक और अपहृत युवक के नाम का था, जिसे आरोपियों ने उसी दिन असंध (करनाल) से अगवा किया था। पुलिस ने उसे भी सुरक्षित बरामद कर थाना थानेसर सदर के हवाले कर दिया।
नशे की लत ने बनाया अपराधी, सोशल ऐप के जरिए फंसाते थे शिकार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे नशे के आदी हैं नशे के पैसों के लिए ऐसे अपहरण करके फिरौती वसूलते थे सोशल ऐप्स पर फर्जी पहचान से युवकों को फंसाकर मिलने बुलाते थे
पुलिस ने स्कॉर्पियो और 11 मोबाइल बरामद किए
छापेमारी में पुलिस ने 1 स्कॉर्पियो (काली)11 मोबाइल फोन और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं। आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है।
गुरुग्राम पुलिस की अपील
गुरुग्राम पुलिस ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया ऐप्स पर अनजान लोगों से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। बिना किसी परिजन या मित्र को बताए ऐसे लोगों से मुलाकात न करें। संदेहास्पद गतिविधि दिखे तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।













