Anti Encroachment Drive : गुरुग्राम में रुका अतिक्रमण हटाओ अभियान, राजनीतिक दबाव के बाद थमा बुलडोजर
कार्रवाई रुकते ही शहर में फिर से पैर पसारने लगा अवैध निर्माण, 15 सितंबर को होनी है मामले की अगली सुनवाई

Anti Encroachment Drive/गुरुग्राम
शहर में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ नगर निगम द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान (Anti Encroachment Drive) अचानक सुस्त पड़ गया है। बताया जा रहा है कि हाल ही में कुछ बड़े और रसूखदार लोगों के अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने के बाद स्थानीय राजनीतिक स्तर पर इसका विरोध शुरू हो गया। शिकायतें मुख्यालय तक पहुंचने के बाद नगर निगम के प्रवर्तन दस्ते को कार्रवाई धीमी करने के मौखिक निर्देश मिले हैं, जिससे बाजारों और मुख्य सड़कों पर अतिक्रमण हटाने का काम लगभग ठप हो गया है।
Anti Encroachment Drive अभियान रुकने से नगर निगम प्रशासन के सामने कानूनी मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अतिक्रमण हटाने के संबंध में निगम को दी गई चार हफ्ते की समयसीमा पूरी हो चुकी है। आगामी 15 सितंबर को होने वाली सुनवाई के दौरान निगम आयुक्त को अदालत के समक्ष अब तक की कार्रवाई की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करनी है। अदालत में जवाबदेही के बावजूद Anti Encroachment Drive अभियान का इस तरह अचानक थम जाना निगम अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।
Anti Encroachment Drive कार्रवाई थमते ही फिर से बढ़ने लगे कब्जे
निगम की सुस्ती का सीधा फायदा अतिक्रमणकारियों को मिल रहा है। पुराने और नए गुरुग्राम के कई प्रमुख इलाकों के साथ-साथ आयुध डिपो (ऑर्डनेंस डिपो) के प्रतिबंधित 900 मीटर के दायरे में फिर से अवैध निर्माणों की रफ्तार तेज हो गई है। सड़कों के किनारे, सरकारी जमीनों और फुटपाथों पर दोबारा कब्जे होने लगे हैं, जिससे आम लोगों को आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
