GRAP Order दिल्ली-एनसीआर में फिर बिगड़ी हवा : ग्रैप का पहला चरण लागू, होटलों में तंदूर बैन; पढ़ें गाइडलाइंस
CAQM ने तत्काल प्रभाव से लागू किया GRAP-1, जानें क्या लगेगा प्रतिबंध ?

GRAP Order : दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में भीषण गर्मी के बीच अब वायु प्रदूषण ने भी चिंता बढ़ा दी है। राजधानी और आसपास के इलाकों में हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने पूरे एनसीआर क्षेत्र में तत्काल प्रभाव से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का पहला चरण (Stage-I) लागू कर दिया है।
यह फैसला मंगलवार (19 मई 2026) को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 208 दर्ज होने के बाद लिया गया, जो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार ‘खराब’ (Poor) श्रेणी में आता है।

GRAP Order का क्यों लिया गया यह फैसला?
मौसम विभाग (IMD) और आईआईटीएम (IITM) के पूर्वानुमानों के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी तेज धूप और धूल भरी हवाओं के कारण एयर क्वालिटी इसी ‘खराब’ श्रेणी में बनी रह सकती है। प्रदूषण के स्तर को और अधिक बिगड़ने से रोकने के लिए CAQM ने सभी संबंधित प्रवर्तन एजेंसियों को अलर्ट मोड पर रहने और नियमों को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए हैं।
GRAP Stage-1: जानिए क्या खुला रहेगा और कहां रहेगी सख्ती?
ग्रैप का पहला चरण लागू होते ही एनसीआर (दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद) में कई तरह के प्रतिबंध और एहतियाती कदम अनिवार्य हो गए हैं:
होटल-ढाबों में तंदूर पर बैन: होटलों, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। अब केवल बिजली या स्वच्छ गैस (LPG/PNG) आधारित ईंधन का ही इस्तेमाल किया जा सकेगा।
निर्माण कार्यों (Construction Sites) पर निगरानी: 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉट पर चल रहे जिन प्रोजेक्ट्स ने खुद को सरकारी वेब पोर्टल पर रजिस्टर नहीं कराया है, वहां काम रोकने के निर्देश हैं। साथ ही निर्माण स्थलों पर धूल उड़ाने पर पाबंदी है और मलबे को ढककर रखना अनिवार्य है।
डीजल जनरेटर (DG Sets) पर पाबंदी: आपातकालीन और बेहद आवश्यक सेवाओं (जैसे अस्पताल, लिफ्ट, रेलवे) को छोड़कर सामान्य रूप से डीजल जनरेटर चलाने पर रोक रहेगी।
सड़कों पर पानी का छिड़काव और सफाई: धूल कम करने के लिए सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग (मशीनों से सफाई) की जाएगी। एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा और सड़कों पर पानी का नियमित छिड़काव होगा।
वाहनों की सख्त चेकिंग: प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों और बिना वैध पीयूसी (PUC) सर्टिफिकेट वाले वाहनों के खिलाफ भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, तय उम्र पूरी कर चुके पुराने वाहनों (10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल) पर सख्ती रहेगी।
कचरा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध: खुले में किसी भी प्रकार का सूखा कचरा, पत्तियां, प्लास्टिक या बायोमास जलाने पर पूरी तरह से मनाही है। उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
आम जनता के लिए ‘सिटीजन चार्टर’ (Citizen Charter)
CAQM ने आम नागरिकों से भी इस लड़ाई में सहयोग देने की अपील की है। नियमों के मुताबिक जनता को इन बातों का ध्यान रखना चाहिए:
अपने वाहनों का पीयूसी (PUC) प्रमाण पत्र हमेशा अपडेट रखें।
रेड लाइट पर या ट्रैफिक में खड़े होने पर गाड़ी का इंजन बंद (Red Light On, Gaadi Off) कर दें।
खुले स्थानों पर कचरा न फेंकें और न ही उसमें आग लगाएं।
क्या होता है GRAP?
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को रोकने के लिए वायु गुणवत्ता के आधार पर चार चरणों (Stage 1 से Stage 4) में पाबंदियां लगाई जाती हैं। AQI के 201 से 300 के बीच होने पर पहला चरण (GRAP-1) एक्टिव होता है। हवा और ज्यादा गंभीर होने पर क्रमशः स्टेज 2, 3 और 4 लागू किए जाते हैं।