Lok Adalat : चेक बाउंस के मुकदमों से मिलेगा छुटकारा! 18 जुलाई को हरियाणा में लगेगी ‘विशेष लोक अदालत
Lok Adalat कोर्ट-कचहरी के चक्करों से मुक्ति का सुनहरा मौका: आपसी सहमति से मिनटों में सुलझेंगे धारा 138 के मामले, अपीलें भी होंगी शामिल Adalat

Lok Adalat : यदि आपका भी कोई चेक बाउंस (Check Bounce) का मामला कोर्ट में चल रहा है और आप तारीख-पर-तारीख से परेशान हो चुके हैं, तो आपके लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (HALSA), पंचकूला के दिशा-निर्देशों के तहत आगामी 18 जुलाई 2026 को पूरे प्रदेश सहित गुरुग्राम में ‘विशेष लोक अदालत’ (Special Lok Adalat) का महा-आयोजन होने जा रहा है।
इस विशेष लोक अदालत (Lok Adalat) का मुख्य उद्देश्य परक्राम्य लिखत अधिनियम (Negotiable Instruments Act) की धारा 138 के तहत लंबित चेक बाउंस के मामलों का आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्वरित निपटारा करना है।
17 जुलाई तक ही है मौका, ऐसे उठाएं लाभ : Lok Adalat
जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण (DLSA) की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) निशा ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जिन भी नागरिकों के चेक बाउंस से जुड़े मामले गुरुग्राम या हरियाणा के विभिन्न न्यायालयों में लंबित हैं, वे इस सुनहरे मौके का फायदा उठा सकते हैं।
इसके लिए प्रभावित पक्षकारों को 17 जुलाई 2026 तक अपने संबंधित न्यायालय (जहाँ उनका केस चल रहा है) में उपस्थित होकर एक आवेदन देना होगा। इस आवेदन के माध्यम से वे अपने मामले को 18 जुलाई को लगने वाली विशेष लोक अदालत में रैफर (विचारार्थ प्रस्तुत) करवा सकते हैं।
लंबित अपीलों को भी किया गया है शामिल : Lok Adalat
इस बार की लोक अदालत (Lok Adalat) को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सीजेएम निशा ने स्पष्ट किया कि इस विशेष लोक अदालत में न केवल शुरुआती स्तर के मामले, बल्कि न्यायालयों में लंबित अपीलों (Appeals) को भी शामिल किया जाएगा। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जिनके मामलों में फैसला आने के बाद ऊपरी अदालत में अपील दायर की जा चुकी है। अब वे भी आपसी रजामंदी से मामले को हमेशा के लिए बंद करा सकते हैं।
लोक अदालत (Lok Adalat) के फायदे: समय, पैसा और मानसिक तनाव से मुक्ति
कानूनी विशेषज्ञों और प्राधिकरण के अनुसार, लोक अदालत के माध्यम से मामलों को सुलझाने के कई बड़े फायदे हैं:
शीघ्र और सरल समाधान: सालों साल चलने वाले मुकदमों का फैसला एक ही दिन में आपसी सहमति से हो जाता है।
धन और ऊर्जा की बचत: बार-बार वकीलों की फीस और कोर्ट के चक्कर काटने के खर्च से मुक्ति मिलती है।
रिश्तों में कड़वाहट का खात्मा: चूंकि फैसला दोनों पक्षों की रजामंदी से होता है, इसलिए दोनों पक्षों की जीत होती है और आपसी दुश्मनी खत्म होती है।
अंतिम और सर्वमान्य फैसला: लोक अदालत द्वारा पारित किया गया निर्णय अंतिम होता है। इसके खिलाफ कहीं और अपील नहीं की जा सकती, जिससे भविष्य का विवाद भी समाप्त हो जाता है।
Lok Adalat : यहाँ करें संपर्क (Helpline Number)
यदि आप इस विशेष लोक अदालत (Lok Adalat) की प्रक्रिया को समझना चाहते हैं या अपने केस को इसमें शामिल कराने के संबंध में कोई अन्य जानकारी पाना चाहते हैं, तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गुरुग्राम के कार्यालय में सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा प्राधिकरण ने एक आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है।
आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर: 0124-2221501
(नोट: किसी भी असमंजस की स्थिति में इस नंबर पर वर्किंग ऑवर्स के दौरान कॉल कर जानकारी ली जा सकती है।)