Shani Jayanti : 1300 वर्षों बाद शनि जयंती पर महासंयोग, इस शुभ दिन ये सरल उपाय दूर करेंगे हर कष्ट

शनि देव की कृपा पाने का सबसे बड़ा अवसर; जानिए कौन से हैं वो 3 दुर्लभ संयोग

Shani Jayanti : शनि देव की आराधना के लिए शनि जयंती का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। लेकिन इस साल शनिवार, 16 मई 2026 को आने वाली शनि जयंती बेहद खास और दुर्लभ होने जा रही है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, लगभग 1300 वर्षों के बाद इस शनि जयंती पर एक नहीं, दो नहीं, बल्कि 3 बड़े महासंयोग एक साथ बन रहे हैं।

ऐसे दुर्लभ संयोग में की गई पूजा-अर्चना और उपायों से शनि देव की क्रूर दृष्टि शांत होती है, और व्यक्ति को साढ़ेसाती, ढैय्या तथा हर तरह के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

शनि जयंती पर बनने वाले 3 महासंयोग

इस साल शनि जयंती पर ग्रहों की स्थिति और चाल कुछ ऐसी है जो सदियों में एक बार देखने को मिलती है:

  1. शश महापुरुष राजयोग: शनि देव इस समय अपनी स्वराशि में विराजमान हैं, जिससे यह बेहद शुभ राजयोग बन रहा है। यह योग व्यक्ति को करियर में सफलता, मान-सम्मान और धन-धान्य प्रदान करता है।

  2. गजकेसरी योग: इस दिन गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा की शुभ स्थिति से गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है, जो पूरे माहौल में सकारात्मकता, सुख और समृद्धि को बढ़ाएगा।

  3. शनिवार को शनि जयंती का संयोग: शनि जयंती का शनिवार के दिन ही पड़ना अपने आप में एक सिद्ध संयोग माना जाता है। इससे शनि देव की पूजा का प्रभाव सौ गुना अधिक बढ़ जाता है।

कष्टों से मुक्ति के लिए सरल उपाय

अगर आप पर शनि की महादशा, ढैय्या, या साढ़ेसाती चल रही है, या जीवन में मानसिक, शारीरिक और आर्थिक परेशानियां हैं, तो 16 मई को नीचे दिए गए सरल उपायों में से कोई भी उपाय कर सकते हैं:


1. तेल का अभिषेक और दीपक

  • इस दिन शाम के समय शनि मंदिर में या पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

  • दीपक में थोड़े से काले तिल और एक लोहे की कील ज़रूर डालें।


2. छाया दान करें

  • एक कटोरी में सरसों का तेल लें और उसमें अपना चेहरा (छवि) देखें।

  • इसके बाद उस तेल को किसी जरूरतमंद को दान कर दें या मंदिर में रख आएं। यह शनि दोष को दूर करने का अचूक उपाय माना जाता है।


3. काली वस्तुओं का दान

  • शनि देव को काली चीजें अत्यंत प्रिय हैं। इस शुभ संयोग पर किसी जरूरतमंद को काले कपड़े, काली उड़द की दाल, काले तिल, या लोहे के बर्तन दान करें।

  • इसके साथ ही जूतों-चप्पलों का दान करना भी राहु-केतु और शनि के कष्टों से मुक्ति दिलाता है।


4. शनि मंत्र और हनुमान चालीसा का पाठ

  • इस दिन शनि देव के मूल मंत्र का 108 बार जाप करें:

    “ॐ शं शनैश्चराय नमः”

  • चूंकि शनि देव हनुमान जी के भक्तों को कभी परेशान नहीं करते, इसलिए शनि जयंती पर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से शनि देव की कृपा तुरंत मिलती है और हर तरह का भय दूर होता है।

विशेष टिप्पणी: इस दुर्लभ महासंयोग पर किया गया छोटा सा दान और सच्चे मन से की गई प्रार्थना आपके बिगड़े हुए कामों को बना सकती है। 16 मई को सुबह से ही मंदिरों में दर्शन और दान का सिलसिला शुरू हो जाएगा।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
Back to top button
Created with ❤