Gurugram में होने जा रहा था बाल विवाह, प्रशासन की कार्रवाई से रुकी 17 वर्षीय लड़की की शादी
डीसी अजय कुमार ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है।

Gurugram : जिला प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई करते हुए एक बाल विवाह रुकवाने में सफलता हासिल की। सेक्टर-5 स्थित अशोक विहार क्षेत्र में 11 मार्च को होने वाले विवाह की गुप्त सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान पाया कि लड़की की उम्र मात्र 17 वर्ष 2 माह है। इसके बाद टीम ने तुरंत हस्तक्षेप कर विवाह को रुकवा दिया।
यह कार्रवाई डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे बाल विवाह रोकथाम अभियान के तहत की गई। जांच में सामने आया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम के अनुसार लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होना अनिवार्य है। आयु कम पाए जाने पर प्रशासन ने परिवार को कानून की जानकारी देकर विवाह रोक दिया।
संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन के नेतृत्व में गठित संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणामों व कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत बाल विवाह कराना, उसमें सहयोग करना या उसे बढ़ावा देना संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर दो साल तक की सजा और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
उन्होंने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी नाबालिग लड़का या लड़की का विवाह होने की सूचना मिले तो तुरंत पुलिस हेल्पलाइन 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित अधिकारियों को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर बाल विवाह जैसी कुप्रथा को रोका जा सके।