Gurgaon To Gurugram : गुरुग्राम जिले के दो ऐतिहासिक गांवों के नाम बदले, अब इस नाम से जाने जाएंगे ये गांव

2016 में, तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने गुड़गांव शहर का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया था। यह नाम पौराणिक गुरु द्रोणाचार्य से जुड़ा है, जिन्होंने यहीं पर कौरवों और पांडवों को शिक्षा दी थी

Gurgaon To Gurugram –  हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम जिले के दो प्रमुख और ऐतिहासिक गांवों के नाम बदलने की अधिसूचना जारी कर दी है । अब गुड़गांव गांव को ‘गुरुग्राम’ के नाम से जाना जाएगा, जबकि मोहम्मदहेड़ी गांव का नाम बदलकर ‘ब्रह्मपुरी’ कर दिया गया है। यह फैसला स्थानीय निवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों और क्षेत्र की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक पहचान को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है।

गुड़गांव गांव से गुरुग्राम : (Gurgaon To Gurugram)

2016 में, तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने गुड़गांव शहर का नाम बदलकर गुरुग्राम कर दिया था। यह नाम पौराणिक गुरु द्रोणाचार्य से जुड़ा है, जिन्होंने यहीं पर कौरवों और पांडवों को शिक्षा दी थी। हालांकि, मूल ‘गुड़गांव गांव’ का नाम तब नहीं बदला गया था, जिससे कुछ भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। अब गांव का नाम भी शहर के नाम के अनुरूप हो गया है, जो इस क्षेत्र के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को और दर्शाता है। ग्रामीणों और स्थानीय संगठनों ने इस बदलाव का स्वागत किया है, उनका मानना है कि यह नाम परिवर्तन उनके गौरवशाली अतीत से जुड़ाव को मजबूत करेगा।

मोहम्मदहेड़ी से ब्रह्मपुरी :

मोहम्मदहेड़ी गांव के निवासियों ने लंबे समय से अपने गांव का नाम बदलने की मांग की थी। उनका तर्क था कि ‘मोहम्मदहेड़ी’ नाम की तुलना में ‘ब्रह्मपुरी’ उनकी स्थानीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और पहचान के ज़्यादा करीब है। ग्रामीणों का मानना था कि ‘ब्रह्मपुरी’ शब्द उनके गांव के वास्तविक स्वरूप और भावनाओं को बेहतर ढंग से दर्शाता है। सरकार ने ग्रामीणों की इस मांग पर विचार करते हुए नाम परिवर्तन को मंजूरी दे दी है।

हरियाणा में नाम बदलने की कवायद

यह पहली बार नहीं है जब हरियाणा में गांवों या स्थानों के नाम बदले गए हैं। मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार ने कई ऐसे गांवों के नाम बदले थे जिनके नाम अटपटे, अपमानजनक या सांप्रदायिक माने जाते थे। यह सिलसिला वर्तमान नायब सिंह सैनी सरकार में भी जारी है।

कुछ अन्य उदाहरण :

  • महेंद्रगढ़ के अकबरपुर नांगल का नाम बदलकर नांगल हरनाथ किया गया।
  • झज्जर के इस्लामगढ़ का नाम बदलकर झुझकवास किया गया।
  • फतेहाबाद में सलामखेड़ा का नाम बदलकर सुदर्शनपुर किया गया।

इन परिवर्तनों का मुख्य उद्देश्य स्थानीय आबादी की भावनाओं का सम्मान करना और उन नामों को हटाना है जो औपनिवेशिक विरासत या किसी विशेष धर्म से जुड़े होने के कारण आपत्तिजनक माने जाते थे।

आगे क्या ?

इन नाम परिवर्तनों के बाद, सरकारी रिकॉर्ड, राजस्व दस्तावेजों और अन्य आधिकारिक पत्राचार में नए नामों को अपडेट किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि नाम बदलने की प्रक्रिया सुचारु रूप से हो और आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

 

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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