IMT Manesar में आगजनी और पथराव करने वाले 55 कर्मचारी गिरफ्तार, जमानत के लिए नहीं मिला गारंटर, भेजे गए जेल

पुलिस शिकायतों के अनुसार, गुरुवार सुबह सेक्टर-4 स्थित मॉडलमा एक्सपोर्ट्स और ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स में माहौल तब बिगड़ गया जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।

IMT Manesar की दो कंपनियों में हुई हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में गुरुग्राम पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को आधार बनाकर दंगाइयों की पहचान की और दो अलग-अलग मामलों में कुल 55 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए कई अन्य लोगों को जांच के बाद चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

पुलिस शिकायतों के अनुसार, गुरुवार सुबह सेक्टर-4 स्थित मॉडलमा एक्सपोर्ट्स और ऋचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स में माहौल तब बिगड़ गया जब सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।

ऋचा ग्लोबल कंपनी के एजीएम रामवीर सिंह ने बताया कि लगभग 200-250 लोगों की भीड़ ने जान से मारने की नीयत से प्रबंधन और पुलिस पर पथराव किया। उपद्रवियों ने पुलिस की राइडर बाइक, एक बस और कार में तोड़फोड़ की। आरोप है कि दो महिला कर्मचारियों के साथ मारपीट भी की गई।

मॉडलमा एक्सपोर्ट्स: 300-400 की भीड़ ने कंपनी के गेट, सीसीटीवी कैमरे और खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। पुलिस की बोलेरो और डायल 112 की ईआरवी (ERV) को भी निशाना बनाया गया। कंपनी अधिकारियों ने पुलिस को दी शिकायत में दावा किया है कि इस हिंसा के पीछे इंकलाबी मजदूर संगठन और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रियल कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन का हाथ है। आरोप है कि इन संगठनों ने ही शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ने के लिए श्रमिकों को भड़काया। प्रशासन ने पहले ही क्षेत्र में धारा 163 (BNS) लागू कर रखी थी, जिसका उल्लंघन कर भीड़ जमा की गई।

मजदूरों की गिरफ्तारी के बाद ट्रेड यूनियन काउंसिल ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। एटक (AITUC) और सीटू (CITU) के प्रतिनिधियों ने एसीपी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर गिरफ्तार मजदूरों की तुरंत रिहाई की मांग की है। यूनियनों की मुख्य मांगें हैं न्यूनतम वेतन 23,196 लागू करना ,धारा 163 को हटाना और पुलिस लाठीचार्ज की न्यायिक जांच करवाई जाए ।

गारंटर न मिलने से फंसी 44 की जमानत

पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पुलिस ने 44 आरोपियों को जमानत (Police Bail) देने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके लिए आरोपियों से गारंटर या जमानती उपलब्ध कराने को कहा गया था। लेकिन, काफी समय बीत जाने के बाद भी इन आरोपियों की ओर से कोई भी व्यक्ति जमानत लेने या जिम्मेदारी उठाने सामने नहीं आया। जब किसी भी आरोपी का कोई गारंटर पुलिस के पास नहीं पहुंचा, तो विवश होकर पुलिस को सभी 44 आरोपियों को न्यायालय के सम्मुख पेश करना पड़ा।

शुक्रवार को जब इन सभी को अदालत में पेश किया गया, तो कोर्ट ने मामले की गंभीरता और कानूनी प्रक्रियाओं को देखते हुए आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए लंबित (Pending) रख दी है। इसके चलते अब इन सभी 55 आरोपियों को कम से कम सोमवार तक जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।

इस बीच, मानेसर औद्योगिक क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस उन बाहरी संगठनों की भी जांच कर रही है जिन पर मजदूरों को भड़काने का आरोप है। डीसीपी मानेसर ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, वहीं निर्दोषों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।

Sunil Yadav

सुनील यादव पिछले लगभग 15 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों में ( India Tv, Times Now,… More »
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