Gurugram के लिए 440 करोड़ का क्लीन सिटी मास्टर प्लान , जानें क्या है पूरी तैयारी
इस योजना के लागू होने से न केवल शहर की सड़कों पर बिखरा कचरा गायब होगा, बल्कि कचरे के ढेरों से होने वाली बीमारियों और दुर्गंध से भी नागरिकों को राहत मिलेगी।

Gurugram : साइबर सिटी गुरुग्राम की छवि को चमकाने और इसे कचरा मुक्त बनाने के लिए हरियाणा सरकार ने एक बड़े मास्टर प्लान को हरी झंडी दे दी है। मुख्यमंत्री शहरी निकाय विभाग और स्थानीय प्रशासन के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में 440 करोड़ रुपये के मेगा प्रोजेक्ट को अंतिम मंजूरी दे दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहर के कचरा प्रबंधन (Waste Management) को पूरी तरह से आधुनिक और पारदर्शी बनाना है।
इस बजट का एक बड़ा हिस्सा बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर जमा पुराने कचरे (Legacy Waste) के निस्तारण पर खर्च किया जाएगा। अत्याधुनिक मशीनों के जरिए कचरे को अलग कर उसे रिसाइकिल किया जाएगा। शहर के हर घर और व्यावसायिक संस्थान से कचरा उठाने की व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। अब कचरा उठाने वाली गाड़ियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग GPS के जरिए की जाएगी ताकि कोई भी इलाका अछूता न रहे।
शहर के बीचों-बीच बने खुले कचरा केंद्रों (Secondary Collection Points) को बंद किया जाएगा। उनकी जगह अंडरग्राउंड डस्टबिन या कंपैक्टर लगाए जाएंगे ताकि सड़कों पर गंदगी न फैले। कचरे से बिजली या खाद बनाने के प्लांट की क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे कचरे का उपयोग संसाधन के रूप में हो सके।
गुरुग्राम की बढ़ती आबादी और तेजी से होते शहरीकरण के कारण प्रतिदिन निकलने वाले कचरे की मात्रा 1200 टन से अधिक हो गई है। मौजूदा बुनियादी ढांचा इस बोझ को संभालने में विफल हो रहा था, जिसके कारण एनजीटी (NGT) ने भी कई बार प्रशासन को फटकार लगाई थी। 440 करोड़ रुपये का यह निवेश शहर के पर्यावरण और स्वच्छता रैंकिंग (Swachh Survekshan) में सुधार लाने के लिए निर्णायक माना जा रहा है।
इस योजना के लागू होने से न केवल शहर की सड़कों पर बिखरा कचरा गायब होगा, बल्कि कचरे के ढेरों से होने वाली बीमारियों और दुर्गंध से भी नागरिकों को राहत मिलेगी। ड्रेनेज सिस्टम में कचरा न फंसने के कारण मानसून के दौरान जलभराव (Waterlogging) की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।
निष्कर्ष: नगर निगम गुरुग्राम (MCG) के अधिकारियों के अनुसार, इस फंड का आवंटन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और अगले कुछ महीनों में जमीन पर इसका असर दिखने लगेगा। यह प्रोजेक्ट गुरुग्राम को स्मार्ट सिटी के साथ-साथ एक स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम है।