Haryana News: हिसार में 13 साल पुराना पुल टूटेगा, MLA सावित्री जिंदल ने 1.80 करोड़ में करवाया था निर्माण
हरियाणा के हिसार फुट ओवर ब्रिज को अब तोड़ा जाएगा। यह वही पुल है जिसे 2012 में कांग्रेस विधायक सावित्री जिंदल ने बनवाया था। इस पर ₹1.80 करोड़ खर्च हुए थे, लेकिन 13 साल में एक बार भी इस्तेमाल नहीं हुआ। अब इसे हटाकर नए प्रोजेक्ट्स को रास्ता दिया जा रहा है।

Haryana News: हरियाणा के हिसार फुट ओवर ब्रिज को अब तोड़ा जाएगा। यह वही पुल है जिसे 2012 में कांग्रेस विधायक सावित्री जिंदल ने बनवाया था। इस पर ₹1.80 करोड़ खर्च हुए थे, लेकिन 13 साल में एक बार भी इस्तेमाल नहीं हुआ। अब इसे हटाकर नए प्रोजेक्ट्स को रास्ता दिया जा रहा है।
गुरुवार को हिसार में PWD मंत्री रणबीर गंगवा ने 2 प्रोजेक्टों को लेकर चर्चा की। इस मीटिंग में ही पुल को फेल करार दे दिया गया। जिस वक्त यह फैसला हुआ, विधायक सावित्री जिंदल भी वहां मौजूद थीं।
इस दौरान जिंदल के मुकाबले यहां से चुनाव हारे पूर्व भाजपा मंत्री कमल गुप्ता के बस स्टैंड के पिछले गेट से बसें चलाने के प्रोजेक्ट को अप्रूव कर दिया गया। खास बात यह है कि प्रोजेक्ट को हटाने करने की घोषणा भी खुद सावित्री जिंदल द्वारा ही मीटिंग में कराई गई।
सावित्री जिंदल ने कहा कि इसे अब यहां से हटाकर कहीं ओर शिफ्ट कर देना चाहिए। तलाकी गेट पर बना फुट ओवरब्रिज, कभी काम नहीं आया: 13 साल पहले 2012 में बस अड्डे के सामने मेन रोड पर जाम से जल्द निजात दिलाने के लिए पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल ने यहां तलाकी गेट के पास फुट ओवर ब्रिज की नींव रखी थी।
उन्होंने दावा किया था कि पुल बनने के बाद बस अड्डे के पास पैदल राहगीरों को जाम से निजात मिलेगी। वहीं, पैदल राहगीरों के रोड क्रॉस करने तक अब वाहन चालकों को इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इस ब्रिज पर 25 मीटर लंबा फुटपाथ और दोनों ओर 60-60 मीटर लंबी सीढ़ियां बनाई गई। इसकी चौड़ाई 2 मीटर और ऊंचाई साढ़े 6 मीटर थी।
इस पर 1 करोड़ 80 लाख की लागत आई थी। फुटओवर ब्रिज बने 13 साल हो गए हैं, मगर यह इस्तेमाल में कभी नहीं आया। यह प्रोजेक्ट पूरी तरह फेल हो गया। वर्ष 2017 में बस स्टैंड के पीछे वाले गेट से बसें गुजारने को लेकर पूर्व विधायक डॉक्टर कमल गुप्ता ने प्रोजेक्ट शुरू करवाया था।
इसके तहत साउथ बाईपास से लेकर बस स्टैंड तक करीब 2.2 किलोमीटर लंबा रोड बनाया गया। इसकी चौड़ाई करीब 33 फुट रखी गई। बस स्टैंड के पास इसका 600 मीटर हिस्सा सीसी और बाकी तारकोल से बनाया गया। इसके बाद इस रोड पर बस स्टैंड का गेट बनवाने के लिए तब के विधायक कमल गुप्ता ने काफी प्रयास किए और दीवार तोड़कर गेट भी बनाया गया।
इसके बाद यहां से बसें गुजारी गई, मगर प्रोजेक्ट बंद हो गया। अब फिर से इस प्रोजेक्ट को शुरू करने की घोषणा मीटिंग में PWD मंत्री ने कर दी है। एक अगस्त से पिछले गेट से ही सभी बसें एंट्री करेंगी। लोकल बसों के लिए स्थिति पहले जैसे ही रहेगी। 21 एकड़ में बना हिसार बस स्टैंड बता दें कि, हिसार बस स्टैंड 11 अगस्त 1969 को बना था और यह 21 एकड़ में फैला हुआ है।
हिसार डिपो में करीब 300 रोडवेज बसें और करीब 300 निजी बसें ग्रामीण व लंबे रूटों पर चलती हैं। बस स्टैंड के पीछे से बसें संचालित किए जाने से दिल्ली रोड पर ट्रैफिक का दबाब कम होगा। बस स्टैंड और आसपास मोतीबाजार, ऑटो मार्केट, नागोरी गेट से आने और जाने वाले लोगों का यह मुख्य रास्ता है। यहां पर अक्सर जाम लग जाता है।