गुरुग्राम में Stilt+4 की पार्किंग में बदलाव कर निर्माण करने वाले 1137 मकानों की सूची तैयार, जल्द टूटेंगे
हाईकोर्ट में दाखिल रिपोर्ट के बाद हड़कंप: 19 कॉलोनियों के 968 मकान मालिकों को नोटिस जारी।

Stilt+4 : मिलेनियम सिटी में स्टिल्ट प्लस फोर (Stilt+4) नियमों का उल्लंघन कर पार्किंग क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों पर अब गाज गिरने वाली है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सोमवार को प्रशासन द्वारा दाखिल एक स्टेटस रिपोर्ट ने शहर के अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मचा दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम की 19 पॉश कॉलोनियों में करीब 1137 ऐसे मकानों की पहचान की गई है, जहां स्टिल्ट पार्किंग की जगह को रिहायशी या व्यावसायिक उपयोग के लिए बदल दिया गया है।
968 मकानों को नोटिस जारी, कार्रवाई की तैयारी
नगर नियोजन विभाग (DTCP) और संबंधित प्राधिकरणों ने इन 1137 उल्लंघनकर्ताओं की सूची तैयार कर ली है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि इनमें से 968 मकान मालिकों को ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि इन भवनों के नक्शे पास करवाते समय स्टिल्ट पार्किंग दिखाई गई थी, लेकिन निर्माण के बाद पार्किंग की जगह पर कमरे, दफ्तर या दुकानें बना ली गईं।
इन इलाकों में हुआ सबसे ज्यादा उल्लंघन
हाईकोर्ट में सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुग्राम के कई प्रमुख सेक्टर और सोसायटियां इस कार्रवाई की जद में हैं। मुख्य रूप से:
डीएलएफ (DLF) के विभिन्न फेज
सुशांत लोक 1, 2 और 3
पालम विहार
सेक्टर 45, 46, 47, 51, 52 और 57
साउथ सिटी 1 और 2
नक्शे के खिलाफ निर्माण पर चलेगा पीला पंजा
अदालत को बताया गया कि स्टिल्ट पार्किंग का नियम इसलिए बनाया गया था ताकि सड़क पर वाहनों का दबाव कम हो और बिल्डिंग के अंदर ही गाड़ियां खड़ी हो सकें। लेकिन मकान मालिकों ने एफएआर (FAR) का उल्लंघन कर पार्किंग एरिया को कवर कर लिया। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि जिन मकानों में पार्किंग के क्षेत्र में अवैध दीवारें या कमरे बनाए गए हैं, उन्हें जल्द ही ढहाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सीलिंग और रिस्टोरेशन का अल्टीमेटम
अधिकारियों के अनुसार, नोटिस की अवधि समाप्त होते ही इन इमारतों को सील करने और अवैध ढांचे को गिराने का काम शुरू होगा। इसके साथ ही, ऐसे मकानों के ‘ऑक्यूपेशन सर्टिफिकेट’ (OC) भी रद्द किए जा सकते हैं। हाईकोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रशासन को अगली सुनवाई तक विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।