Delhi-NCR में वर्क फ्रॉम होम और स्कूल होंगे बंद, जानें ग्रैप 3 लागू हुआ तो क्या-क्या पाबंदियां लगेंगी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CAQM) ने अभी तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने का फैसला नहीं किया है,

Delhi-NCR में ठंड बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण (Air Pollution) के हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। सोमवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के आसपास या उससे ऊपर दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी को दर्शाता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CAQM) ने अभी तक ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण की पाबंदियां लागू करने का फैसला नहीं किया है, लेकिन यदि स्थिति और बिगड़ी तो GRAP-III लागू किया जा सकता है। वहीं गुरुग्राम का सोमवार को एक्यूआई 238 दर्ज किया और मानेसर का एक्यूआई 270 रिकॉर्ड किया गया ।
दिल्ली में हवा की स्थिति (सोमवार सुबह) सोमवार को राजधानी के विभिन्न निगरानी केंद्रों पर AQI की स्थिति बेहद खराब रही:
- बवाना: 412
- जहांगीर पुरी: 394
- बुराड़ी क्रॉसिंग: 389
- नेहरू नगर: 386
- चांदनी चौक: 365
- आनंद विहार: 379
दिल्ली की बिगड़ती आबोहवा को देखते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनता और निजी संस्थानों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने ऑफिस जाने वाले लोगों से कारपूलिंग (Car-pooling) का इस्तेमाल करने का आग्रह किया, ताकि सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या कम हो सके। इसके अलावा, उन्होंने निजी कंपनियों को सलाह दी है कि वे कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (Work From Home) या हाइब्रिड मोड में काम करने की व्यवस्था को लागू करें।

GRAP-III में प्रमुख पाबंदियां
हालात बिगड़ने पर लागू होने वाले GRAP-III में कई सख्त कदम शामिल हैं:
- गैर-जरूरी निर्माण और ध्वस्तीकरण (Demolition) गतिविधियों पर पूर्ण पाबंदी।
- पुराने डीजल वाहनों की आवाजाही पर रोक।
- सीमेंट, बालू (Sand) जैसे निर्माण सामग्री के परिवहन पर प्रतिबंध।
- अंतरराज्यीय डीजल बसों का परिचालन बंद किया जा सकता है।
- कक्षा 5 तक के स्कूलों को बंद करके ऑनलाइन मोड में पढ़ाई की अनुमति।
- आपदा सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी डीज़ल जनरेटरों पर रोक।
जनता ने की ‘हेल्थ इमरजेंसी’ की मांग
रविवार को इंडिया गेट पर बड़ी संख्या में नागरिक एकत्र हुए और गंभीर वायु प्रदूषण को देखते हुए तत्काल ‘हेल्थ इमरजेंसी’ घोषित करने की मांग की। लोगों ने केंद्र और राज्य सरकारों से आपातकालीन उपाय करने की अपील करते हुए कहा कि खराब हवा बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर सीधा असर डाल रही है।
स्कूलों में ऑनलाइन क्लास की बढ़ती मांग प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए, कई निजी स्कूलों ने आउटडोर गतिविधियों को बंद कर दिया है और एयर प्यूरीफायर की व्यवस्था की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अभिभावकों और आरडब्ल्यूए (RWA) एसोसिएशनों द्वारा कक्षाएं ऑनलाइन मोड में शिफ्ट करने की मांग जोर पकड़ रही है। सभी संस्थानों को विंटर एक्शन प्लान की गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।













