Gurugram में क्यों बंद हो रहे हैं सस्ते घरों के प्रोजेक्ट: जमीन की कीमतों ने बिगाड़ा अफोर्डेबल हाउसिंग का गणित
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में किफायती आवास के लिए 5000 रुपये प्रति वर्ग फीट का रेट तय किया है। हालांकि, बिल्डरों का कहना है कि शहर में जमीन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि इस रेट पर प्रोजेक्ट लॉन्च करना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है।

Gurugram : मिलेनियम सिटी में अपना घर खरीदने की चाहत रखने वाले मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ा झटका लगा है। गुरुग्राम में जमीन की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी के कारण किफायती आवास योजना (Affordable Housing Scheme) का ग्राफ गिरता जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले दो वर्षों में शहर के भीतर एक भी बिल्डर नेGurugramRealEstate इस योजना के तहत नया लाइसेंस नहीं लिया है।
हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम में किफायती आवास के लिए 5000 रुपये प्रति वर्ग फीट का रेट तय किया है। हालांकि, बिल्डरों का कहना है कि शहर में जमीन की कीमतें इतनी बढ़ गई हैं कि इस रेट पर प्रोजेक्ट लॉन्च करना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है। नतीजतन, बिल्डर अब किफायती फ्लैट्स के बजाय ‘दीनदयाल जन आवास योजना’ (DDJAY) के तहत फ्लोर बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिनकी कीमत एक करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गई है।

पिछले 2 साल से शहर के मुख्य इलाकों में कोई नया अफोर्डेबल प्रोजेक्ट लॉन्च नहीं हुआ। बिल्डर अब सोहना और फर्रुखनगर जैसे दूरदराज इलाकों का रुख कर रहे हैं, जहाँ जमीन की कीमतें तुलनात्मक रूप से कम हैं। शहर में काम करने वाले लोग दूरदराज के इलाकों में घर लेने से कतरा रहे हैं क्योंकि बच्चों के स्कूल और दफ्तर गुरुग्राम मुख्य शहर में हैं।
प्रॉपर्टी एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा के अनुसार हरियाणा सरकार की अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी बेहतरीन है, लेकिन मौजूदा जमीन की कीमतों को देखते हुए इसमें बदलाव की जरूरत है। विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार को या तो जमीन की कीमतों पर नियंत्रण करना चाहिए या बिल्डरों को रियायती दरों पर जमीन उपलब्ध करानी चाहिए ताकि आम आदमी का घर का सपना अधूरा न रहे।









