Wedding Rules : सोहना में बदला शादी का तरीका, डीजे और आतिशबाजी पर रोक, भारी जुर्माने का भी है प्रावधान
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि फिजूलखर्ची रोकने का सबसे उत्तम तरीका सामूहिक विवाह आयोजनों को बढ़ावा देना है। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि समाज में समानता का संदेश भी जाएगा।

Wedding Rules : बदलते दौर में शादियों में बढ़ती फिजूलखर्ची और ‘दिखावे की संस्कृति’ पर लगाम लगाने के लिए सोहना के स्थानीय समुदाय ने एक ऐतिहासिक पहल की है। समाज के प्रबुद्ध लोगों और पंचायत ने मिलकर एक विशेष निगरानी समिति का गठन किया है, जो क्षेत्र में होने वाले विवाह आयोजनों में सादगी सुनिश्चित करेगी और अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करेगी।
समिति द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, अब शादियों में डीजे (DJ), आतिशबाजी और अत्यधिक महँगे उपहारों के लेन-देन पर रोक लगाने का सुझाव दिया गया है। समिति का मानना है कि शादियों में बढ़ता खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बना रहा है। समाज ने स्पष्ट किया है कि जो परिवार इन नियमों की अवहेलना करेंगे, उन पर आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है या उनका सामाजिक बहिष्कार भी किया जा सकता है।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि फिजूलखर्ची रोकने का सबसे उत्तम तरीका सामूहिक विवाह आयोजनों को बढ़ावा देना है। इससे न केवल संसाधनों की बचत होगी, बल्कि समाज में समानता का संदेश भी जाएगा। स्थानीय युवाओं ने भी इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि कर्ज लेकर दिखावा करने की परंपरा अब खत्म होनी चाहिए।
यह समिति न केवल नियमों को लागू करेगी, बल्कि परिवारों को जागरूक भी करेगी। गाँव के बुजुर्गों का कहना है कि पुराने समय में शादियाँ सादगी से होती थीं, जिससे आपसी प्रेम बढ़ता था, लेकिन अब यह केवल एक प्रतिस्पर्धा बन गई है। सोहना समाज की इस पहल की सराहना पूरे गुरुग्राम जिले में हो रही है और माना जा रहा है कि अन्य कस्बे भी जल्द ही ऐसा कदम उठा सकते हैं।