Gurugram में कहासुनी पर हत्या करने वाले दो कैब ड्राइवर को उम्र कैद की सजा
सफर के दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिससे गुस्साए टैक्सी चालकों ने सुनील की पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को एक्सप्रेसवे के पास फेंककर फरार हो गए।

Gurugram की अदालत ने चार साल पुराने हत्या के मामले में दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। मामूली कहासुनी के बाद एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या करने वाले दो टैक्सी चालकों को कोर्ट ने दोषी करार देते हुए कठोर कारावास और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है।
यह मामला 11 अप्रैल 2022 का है, जब बजघेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत निर्माणाधीन द्वारका एक्सप्रेसवे के पास एक सुनसान जगह पर एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान थे, जिससे साफ था कि उसकी हत्या की गई है। गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर जब जांच शुरू की, तो मृतक की पहचान सुनील कुमार निवासी गांव ढाढोत (महेंद्रगढ़) के रूप में हुई।
पुलिस की गहन जांच के बाद 21 अप्रैल 2022 को दो आरोपियों, जतिन (निवासी अलीगढ़) और उमेश चंद (निवासी हाथरस) को गिरफ्तार किया गया। दोनों आरोपी गुरुग्राम के भीमगढ़ खेड़ी में रहकर किराए पर टैक्सी चलाते थे। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि मृतक सुनील कुमार उन्हें रेलवे स्टेशन पर मिला था।
सफर के दौरान उनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिससे गुस्साए टैक्सी चालकों ने सुनील की पीट-पीटकर हत्या कर दी और शव को एक्सप्रेसवे के पास फेंककर फरार हो गए।
गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य और गवाहों की एक मजबूत चार्जशीट पेश की थी। शनिवार (04 अप्रैल 2026) को अदालत ने पुलिस द्वारा प्रस्तुत सबूतों के आधार पर जतिन और उमेश चंद को धारा 302/34 IPC के तहत दोषी पाया और उन्हें ताउम्र कैद की सजा सुनाई।