Treated Water: गुरुग्राम में ट्रीटेड पानी से आएगी हरियाली, तालाब होंगे लबालब, बेहरामपुर STP से बिछीं 3 पाइपलाइनें
भोंडसी PTC, गैरतपुर बास और टिकली में रोजाना 27 MLD सीवरेज ट्रीटेड पानी का होगा पुन: उपयोग; डीएस ढेसी ने दिए पानी की सख्त गुणवत्ता जांच के निर्देश।

Treated Water/गुरुग्राम
साइबर सिटी में पीने के पानी की बचत और वेस्टवॉटर को रिसोर्स के रूप में इस्तेमाल करने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। जीएमडीए (GMDA) और सिंचाई विभाग द्वारा बेहरामपुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से तीन अलग-अलग (Treated Water) पाइपलाइनें बिछाई गई हैं। इसके माध्यम से प्रतिदिन करीब 27 एमएलडी (MLD) सीवरेज ट्रीटेड पानी (Treated Water) का उपयोग भोंडसी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (PTC), गैरतपुर बास और टिकली गांव में हरियाली विकसित करने और तालाबों को भरने के लिए किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर लघु सचिवालय में हरियाणा सरकार के शहरी विकास प्रधान सलाहकार श्री दीपेंद्र सिंह ढेसी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
Treated Water प्रोजेक्ट से जुड़ी प्रमुख बातें और पानी का वितरण:
भोंडसी PTC को मिलेंगे 18 MLD पानी: सिंचाई विभाग ने 7.6 किमी लंबी पाइपलाइन बिछाई है। 500 एकड़ से अधिक में फैले पीटीसी परिसर में इस पानी (Treated Water) का उपयोग बागवानी, पौधों की सिंचाई, परेड ग्राउंड और घोड़ों के अस्तबल के लिए होगा। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा आंतरिक नेटवर्क तैयार किया जा रहा है, जिसे 28 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
गैरतपुर बास के 11 तालाबों का कायाकल्प: GMDA की पाइपलाइन के जरिए Treated Water गैरतपुर बास और रास्ते में आने वाले कुल 11 तालाबों को भरा जाएगा, जिससे रोजाना करीब 4 MLD पानी का पुन: उपयोग होगा।
टिकली गांव के 3 तालाबों में 5 MLD सप्लाई: सिंचाई विभाग द्वारा बिछाई गई 9 किमी लंबी पाइपलाइन से Treated Water टिकली के तीन तालाबों को रोजाना 5 MLD ट्रीटेड पानी से भरा जाएगा।
Treated Water पानी की गुणवत्ता की होगी वैज्ञानिक जांच
बैठक के दौरान श्री दीपेंद्र सिंह ढेसी ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि तीनों स्थानों पर भेजे जा रहे पानी (Treated Water) के सैंपल लेकर निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित की जाए।
जीएमडीए (GMDA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री पीसी मीणा ने कहा कि इस पहल से गैर-पेयजल जरूरतों के लिए ताजे पानी पर निर्भरता कम होगी और प्रतिदिन 27 MLD पीने योग्य पानी की बचत की जा सकेगी। इससे गुरुग्राम के हरित क्षेत्र (Green Cover) को बढ़ाने और भूजल स्तर को सुधारने में बड़ी मदद मिलेगी।
