Dwarka Expressway पर सफर करना पड़ सकता है भारी, NHAI की इस चेतावनी ने उड़ाए सबके होश
इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के चलते सर्विस रोड पर कई स्थानों पर दरारें आनी शुरू हो गई हैं। एनएचएआई का मानना है कि एक्सप्रेसवे के नीचे से मिट्टी खिसकने का डर है।

Dwarka Expressway के नीचे डाली जा रही पाइपलाइन अब यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) के प्रोजेक्ट पर गंभीर सवाल उठाते हुए आशंका जताई है कि एक्सप्रेसवे के धंसने (Caving-in) की स्थिति पैदा हो सकती है।
एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी मोहम्मद सैफी ने एनएचएआई अध्यक्ष को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि सेक्टर-36ए में गांव सिंही अंडरपास के पास जीएमडीए द्वारा पेयजल लाइन बिछाने के लिए जिस तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है, वह मानकों के अनुरूप नहीं है। एनएचएआई के अनुसार इस पाइपलाइन को ‘ट्रेंचलैस’ (Trenchless) पद्धति से बिछाया जाना चाहिए था, लेकिन जीएमडीए ‘धक्का तकनीक’ का उपयोग कर रहा है।
इस पाइपलाइन प्रोजेक्ट के चलते सर्विस रोड पर कई स्थानों पर दरारें आनी शुरू हो गई हैं। एनएचएआई का मानना है कि एक्सप्रेसवे के नीचे से मिट्टी खिसकने का डर है। चूंकि इस हाईवे पर वाहन अत्यधिक गति से दौड़ते हैं, ऐसे में सड़क धंसने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार इस पाइपलाइन के काम के दौरान पहले भी दो बार एक्सप्रेसवे के हिस्से धंस चुके हैं। पिछले साल अक्टूबर में एनएचएआई ने बिना अनुमति काम करने का आरोप लगाते हुए इसे रुकवा दिया था, लेकिन बाद में उच्च स्तरीय बातचीत के बाद इसे फिर से शुरू करने की मंजूरी मिली थी।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा का कहना है कि 99 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और एक्सप्रेसवे पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने एनएचएआई के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सड़क की स्थिति फिलहाल ठीक है।