Dwarka Expressway पर टोल वसूली शुरू, 29 KM के लिए चुकाने होंगे 220 रुपये
द्वारका एक्सप्रेसवे को दो भागों में बनाया गया है। गुरुग्राम भाग एक साल पहले ही चालू हो चुका था, जबकि दिल्ली भाग को दो महीने पहले यातायात के लिए खोला गया था।

Dwarka Expressway : लंबे इंतजार के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे के बिजवासन टोल प्लाजा पर आखिरकार टोल वसूली शुरू कर दी गई है। लगभग 29 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को अब यात्रा के लिए 220 चुकाने होंगे, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा के लिए 330 का शुल्क निर्धारित किया गया है।
एक्सप्रेसवे पर टोल दरें (बिजवासन टोल प्लाजा)
| यात्रा का प्रकार | शुल्क (निजी कार) |
| एक तरफा यात्रा (Single Journey) | ₹220 |
| 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा (Return Journey) | ₹330 |
| मासिक पास (20 KM दायरे के लिए) | ₹340 |
द्वारका एक्सप्रेसवे पर टोल प्लाजा में फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम विकसित किया गया है। यह तकनीक वाहन चालकों को बड़ी राहत देगी, क्योंकि उन्हें टोल चुकाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। वाहन अपनी सामान्य गति से आगे बढ़ सकेंगे और फास्टैग या नंबर प्लेट की मदद से टोल स्वचालित रूप से कट जाएगा।
द्वारका एक्सप्रेसवे को दो भागों में बनाया गया है। गुरुग्राम भाग एक साल पहले ही चालू हो चुका था, जबकि दिल्ली भाग को दो महीने पहले यातायात के लिए खोला गया था। यह एक्सप्रेसवे खेड़कीदौला टोल प्लाजा के पास से शुरू होकर महिपालपुर में शिवमूर्ति के सामने तक जाता है।
द्वारका एक्सप्रेसवे पर टोल शुरू होने के साथ ही, खेड़कीदौला टोल प्लाजा से गुजरना भी महंगा हो गया है। रविवार से यहां टोल दरों में वृद्धि प्रभावी हो सकती है।
- पुरानी दर (निजी कार): ₹80
- नई दर (निजी कार): ₹95
- बढ़ोतरी: सीधे ₹15
खेड़कीदौला पर 24 घंटे के भीतर आने-जाने के लिए अब ₹145 देने होंगे। यहां भी टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों के लिए मासिक पास की सुविधा उपलब्ध है, जिसके लिए उन्हें ₹340 चुकाने होंगे।

जो वाहन चालक खेड़कीदौला टोल प्लाजा से गुजरते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे से दिल्ली की ओर जाएंगे, उन्हें बड़ी राहत दी गई है। ऐसे चालकों को द्वारका एक्सप्रेसवे के लिए सिर्फ ₹125 देने होंगे। इसका मतलब है कि द्वारका एक्सप्रेसवे के ₹220 के टोल में से खेड़कीदौला टोल का ₹95 कम कर दिया जाएगा। यह छूट व्यावसायिक वाहनों पर भी लागू होगी, यानी वे खेड़कीदौला पर जितना टोल चुकाएंगे, उतना ही द्वारका एक्सप्रेसवे के कुल टोल में से कम हो जाएगा।
यह कदम एक्सप्रेसवे के रखरखाव और परिचालन लागत को पूरा करने के लिए आवश्यक है, लेकिन इससे दिल्ली-गुरुग्राम के बीच यात्रा की लागत में निश्चित तौर पर वृद्धि होगी।












