Sudha Yadav : सुधा यादव बनी कर्नाटक की राज्यपाल, गुरुग्राम से है खास नाता : PM मोदी ने सुझाया था नाम

राव इंद्रजीत को 1.39 लाख वोटों से हरा चुकीं सुधा यादव ने कारगिल में पति की शहादत से लेकर संवैधानिक सर्वोच्चता तक का प्रेरक सफर,

Sudha Yadav/गुरुग्राम
भारतीय राजनीति में चुनावी हार-जीत तो आम बात है, लेकिन संगठन और पार्टी के प्रति अटूट निष्ठा बनाए रखना ही नेतृत्व के विश्वास को साबित करता है। इसी निष्ठा और समर्पण का नतीजा है कि हरियाणा की पूर्व सांसद और भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता डॉ. सुधा यादव (Sudha Yadav) को कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। उनका यह चयन केवल एक राजनीतिक पदोन्नति नहीं है, बल्कि एक प्रतिबद्ध कार्यकर्ता के लंबे और अनुशासित सार्वजनिक जीवन को मिला सम्मान है।

कारगिल युद्ध और Sudha Yadav जीवन का नया मोड़

डॉ. सुधा यादव (Sudha Yadav) के सार्वजनिक जीवन की शुरुआत एक गहरी व्यक्तिगत त्रासदी के बाद हुई। 16 अक्टूबर 1965 को हरियाणा के रेवाड़ी में जन्मी डॉ. सुधा यादव ने आईआईटी रुड़की से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। उनका जीवन एक सामान्य और अध्ययनशील ढर्रे पर चल रहा था, लेकिन कारगिल युद्ध के दौरान उनके पति सुखबीर सिंह यादव देश की रक्षा करते हुए शहीद हो गए। सुखबीर सिंह यादव सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डिप्टी कमांडेंट के पद पर तैनात थे।

पति के बलिदान के बाद Sudha Yadav के जीवन में बड़ा मोड़ आया। वर्ष 1999 में संगठन के प्रोत्साहन पर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में कदम रखा और देश सेवा के एक नए माध्यम के रूप में राजनीति को चुना।

वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें (Sudha Yadav) महेंद्रगढ़ सीट से उम्मीदवार बनाया। पहली बार चुनावी मैदान में उतरीं डॉ. सुधा यादव ने दिग्गज नेता राव इंद्रजीत सिंह को पराजित कर संसद में अपनी जगह बनाई। इस जीत ने उन्हें रातों-रात राष्ट्रीय राजनीति में पहचान दिलाई।

वर्ष 2004 और 2009 के लोकसभा चुनावों में हार का सामना करने के बावजूद उन्होंने पार्टी से दूरी नहीं बनाई। बिना किसी असंतोष के वे निरंतर संगठन के जमीनी कार्यों में सक्रिय रहीं।

राष्ट्रीय सचिव और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) मोर्चा की जिम्मेदारियां संभालने के बाद, अगस्त 2022 में उन्हें (Sudha Yadav) पार्टी के सबसे शक्तिशाली निकाय – संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति में शामिल किया गया।

वर्तमान: कर्नाटक के राज्यपाल पद पर नियुक्ति
संवैधानिक दायित्व : उनकी (Sudha Yadav) निष्ठा और समर्पण को देखते हुए उन्हें कर्नाटक का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है, जो एक समर्पित कार्यकर्ता के प्रति नेतृत्व के भरोसे को दर्शाता है।

अनुशासित संगठनकर्ता के रूप में मिसाल

डॉ. सुधा यादव (Sudha Yadav) की यह नियुक्ति पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि निष्ठा और निरंतरता कभी व्यर्थ नहीं जाती। एक शहीद की पत्नी, उच्च शिक्षित जननेता और अनुशासित संगठनकर्ता के रूप में उनकी यह नई भूमिका उनके लंबे सार्वजनिक जीवन की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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