Strange Theft : गुरुग्राम में चोरी का अजब-गजब मामला, गड्ढे में फंसी कैब निकालने के बहाने लेकर भागा चोर
पहले धक्का लगाकर जीती सहानुभूति, फिर एक्सप्रेस-वे पर दिखाई रफ्तार; गाजियाबाद के पेट्रोल पंप को भी लगाया चूना

Strange Theft : साइबर सिटी गुरुग्राम में अपराध के नए-नए तरीके सामने आते रहते हैं, लेकिन हाल ही में सेक्टर-37 थाना क्षेत्र में जो हुआ, उसने पुलिस और जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहाँ एक चोर ने ‘मददगार’ बनकर न केवल एक कैब ड्राइवर का भरोसा जीता, बल्कि उसकी आंखों के सामने से गाड़ी लेकर चंपत हो गया।
क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के एटा निवासी विकास गुरुग्राम के कांकरौला गांव में रहकर ओला-उबर कैब चलाते हैं। शुक्रवार की रात करीब 1 बजे जब वह शक्ति पार्क से विश्वकर्मा नगर की सवारी छोड़ने जा रहे थे, तभी किस्मत ने दगा दे दिया। हाईवे की सर्विस लेन पर अनाज मंडी हरिनगर अंडरपास के पास उनकी कैब अचानक एक गहरे गड्ढे में फंस गई।
तभी अंधेरे से एक युवक ‘मसीहा’ बनकर निकला। उसने विकास को भरोसा दिलाया कि वह गाड़ी निकालने में मदद करेगा। योजना के अनुसार, युवक ड्राइवर सीट पर बैठ गया और विकास समेत कुछ अन्य लोग पीछे से धक्का लगाने लगे। जैसे ही पहियों ने जमीन पकड़ी और गाड़ी गड्ढे से बाहर आई, युवक ने मदद का शुक्रिया अदा करने के बजाय एक्सीलेटर दबाया और पलक झपकते ही गायब हो गया।
गाड़ी के साथ ‘पहचान’ भी ले उड़ा चोर
पीड़ित विकास के अनुसार, कार में केवल गाड़ी ही नहीं थी, बल्कि उनकी पूरी दुनिया थी। गाड़ी के डैशबोर्ड और ग्लोव बॉक्स में उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे थे, जिनमें शामिल थे:
गाड़ी की आरसी (RC)
ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड
पर्स और अन्य जरूरी कागजात
गाजियाबाद में भी दिखाई ‘होशियारी’
चोर की हिम्मत यहीं नहीं रुकी। गुरुग्राम से भागने के बाद वह सीधे गाजियाबाद पहुंचा। वहां एक पेट्रोल पंप पर उसने गाड़ी की टंकी फुल करवाई, लेकिन जब पैसे देने की बारी आई, तो वहां के कर्मियों को भी चकमा देकर फरार हो गया। गाजियाबाद पुलिस ने जब सीसीटीवी और अन्य सूत्रों के आधार पर मालिक का पता लगाया, तब जाकर विकास को अपनी गाड़ी की लोकेशन की भनक लगी।
जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल, गुरुग्राम की सेक्टर-37 पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। गुरुग्राम और गाजियाबाद पुलिस की टीमें तालमेल बिठाकर उस शातिर ‘मददगार’ चोर की तलाश कर रही हैं। यह घटना उन सभी के लिए एक सबक है जो आधी रात को किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा कर उसे अपनी गाड़ी की स्टीयरिंग सौंप देते हैं।
सावधानी: अपनी गाड़ी की चाबी और स्टीयरिंग कभी भी किसी अपरिचित को न सौंपें, चाहे परिस्थिति कितनी भी विषम क्यों न हो।