2017 से 2023 तक विमान हादसों के डराने वाले आंकड़े


दुनियाभर में विमान यात्रा को सुरक्षित माना जाता है, लेकिन कई बार हादसे डराने वाले होते हैं। दक्षिण कोरिया और अजरबैजान में हाल ही में हुए प्लेन क्रैश ने एक बार फिर इस चिंता को बढ़ा दिया है। विमान हादसे कभी तकनीकी खराबी, कभी खराब मौसम या पक्षियों के टकराने जैसी वजहों से होते हैं। एविएशन सेफ्टी नामक संस्था के अनुसार, 2017 से 2023 के बीच 813 विमान हादसे हुए। इन हादसों में 1,473 यात्रियों की मौत हुई। यह आंकड़े बताते हैं कि विमान यात्रा के दौरान कई बार खतरा बना रहता है। इन सात सालों में लैंडिंग के दौरान सबसे ज्यादा 261 हादसे हुए हैं। लैंडिंग विमान संचालन का सबसे नाजुक चरण होता है, जहां पायलट को उच्च सतर्कता बरतनी पड़ती है। इसके अलावा, टेक-ऑफ के दौरान भी कई हादसे होते हैं। प्लेन से यात्रा करना सड़क या रेल यात्रा से ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। लेकिन जब हादसे होते हैं, तो वे बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। एविएशन विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश हादसे तकनीकी खराबी, पायलट की गलती, खराब मौसम या पक्षियों के टकराने से होते हैं। हर उड़ान से पहले विमान की पूरी जांच की जाती है। पायलट्स को बेहतर ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि वे आपातकालीन स्थितियों में सही निर्णय ले सकें।  विमान कंपनियां सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करती हैं। हवाई मार्ग पर विमानों को सही दिशा देने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि प्लेन हादसे दुर्भाग्यपूर्ण होते हैं, लेकिन विमानन कंपनियां और सरकारें सुरक्षा बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही हैं। बेहतर तकनीक, सख्त नियम और कर्मचारियों की ट्रेनिंग हादसों को कम करने में मदद कर रहे हैं।हालांकि हादसे डराने वाले होते हैं, लेकिन विमान यात्रा अभी भी दुनिया के सबसे सुरक्षित परिवहन तरीकों में से एक है।

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