SpiceJet Airlines के यात्री हो जाएं सावधान! एयरलाइन का रद्द हो सकता है जीएसटी पंजीकरण, जानें क्या है पूरा मामला?

गुरुग्राम जीएसटी विभाग ने थमाया कारण बताओ नोटिस, लगातार रिटर्न न भरने पर 124 करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स देनदारी

SpiceJet Airlines  : विमानन कंपनी स्पाइसजेट (SpiceJet Airlines) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यदि आप भी आने वाले दिनों में स्पाइसजेट से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए यह बेहद जरूरी खबर है। वित्तीय संकट से जूझ रही इस एयरलाइन का जीएसटी (GST) पंजीकरण अब रद्द होने की कगार पर पहुंच गया है। गुरुग्राम जीएसटी विभाग ने समय पर रिटर्न दाखिल न करने को लेकर कंपनी के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया है।


SpiceJet Airlines का क्यों रद्द हो सकता है जीएसटी पंजीकरण?

गुरुग्राम उत्तर राज्य क्षेत्राधिकार के वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के अनुसार, स्पाइसजेट द्वारा पिछले काफी समय से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में भारी अनियमितता बरती जा रही है। एयरलाइन की ओर से लगातार रिटर्न देरी से जमा किए जा रहे थे।

इस लापरवाही को देखते हुए विभाग ने सीजीएसटी/एसजीएसटी अधिनियम, 2017 की धारा 62 के तहत कंपनी का अस्थायी मूल्यांकन (प्रोविजनल असेसमेंट) किया। इस मूल्यांकन के आधार पर विभाग ने स्पाइसजेट पर विभिन्न अवधियों के लिए कुल 124 करोड़ 65 लाख 87 हजार 156 रुपये की टैक्स डिमांड (कर मांग) निकाल दी है।

 

SpiceJet Airlines का महीने-वार बकाया टैक्स का पूरा लेखा-जोखा

जीएसटी विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, एयरलाइन पर पिछले कुछ महीनों का करोड़ों रुपये का टैक्स बकाया है:

महीनाबकाया टैक्स (करोड़ रुपये में)
नवंबर44.44 करोड़
दिसंबर43.79 करोड़
जनवरी12.19 करोड़
फरवरी12.10 करोड़
मार्च12.12 करोड़
कुल बकाया124.65 करोड़ से अधिक

नोटिस के बाद भी नहीं जागी SpiceJet Airlines कंपनी, अब होगी सख्त कार्रवाई

विभाग ने इस मामले में 25 मई 2026 को ही स्पाइसजेट को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया था। नियम के मुताबिक कंपनी को तुरंत अपने लंबित रिटर्न दाखिल करने थे, लेकिन नोटिस मिलने के बाद भी एयरलाइन की तरफ से अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया है और न ही बकाया टैक्स चुकाया गया है।

जीएसटी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि स्पाइसजेट ने जल्द से जल्द अपने सभी लंबित रिटर्न दाखिल कर कानून के तहत तय वैधानिक दायित्वों को पूरा नहीं किया, तो विभाग बिना किसी देरी के नियमानुसार आगे की सख्त कार्रवाई करेगा, जिसमें पंजीकरण को पूरी तरह रद्द करना भी शामिल है।

यात्रियों पर क्या होगा असर?
यदि किसी कमर्शियल एयरलाइन का जीएसटी पंजीकरण रद्द होता है, तो उसके व्यावसायिक संचालन (Business Operations) और टिकट बुकिंग पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि विशेषज्ञों द्वारा यात्रियों को इस एयरलाइन में बुकिंग से पहले स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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