Sarpanch Hatyakand : मुख्य आरोपी को उम्रकैद, चार को 7 साल की सख़्त सज़ा
इलाज के दौरान घायल मनोज की मृत्यु हो जाने पर, अभियोग में हत्या (धारा 302 IPC) सहित आपराधिक साजिश (120-B) और साक्ष्य मिटाने (201 IPC) जैसी गंभीर धाराएँ जोड़ी गईं।

Sarpanch Hatyakand : गुरुग्राम पुलिस द्वारा की गई गहन जाँच और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर, अलीपुर गाँव के पूर्व सरपंच मनोज की गोली मारकर हत्या करने के जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले पाँच आरोपियों को माननीय अदालत ने दोषी करार दिया है। एडिशनल सेशन जज सुनील कुमार दीवान की माननीय अदालत ने मंगलवार, दिनांक 12 नवंबर 2025 को इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी सहित पाँचों दोषियों को कठोर सज़ा सुनाई।
वारदात 15 जुलाई 2020 को कृष्णा अस्पताल, सोहना के सामने हुई थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और घायल मनोज (निवासी अलीपुर) को इलाज के लिए मेदांता अस्पताल पहुँचाया गया। घायल मनोज की स्थिति बयान देने योग्य न होने के कारण, उनके भाई के बयान पर पुलिस ने पहले हत्या के प्रयास और शस्त्र अधिनियम की धाराओं के तहत अभियोग दर्ज किया।
इलाज के दौरान घायल मनोज की मृत्यु हो जाने पर, अभियोग में हत्या (धारा 302 IPC) सहित आपराधिक साजिश (120-B) और साक्ष्य मिटाने (201 IPC) जैसी गंभीर धाराएँ जोड़ी गईं।
गुरुग्राम पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए हत्या की वारदात को अंजाम देने वाले पाँच आरोपियों— भरत (केशी कलां, मथुरा), मुकेश उर्फ प्रिंस (केशी कलां, मथुरा), मोहित लाम्बा (श्याम कॉलोनी, बल्लभगढ़), पुनीत (फाजीपुर पाटली, गुरुग्राम) और अनमोल (गाँव चिटाना)—को काबू करके नियमानुसार गिरफ्तार किया था। पुलिस टीम द्वारा गहन अनुसंधान के बाद सभी आवश्यक साक्ष्य और गवाह एकत्रित कर माननीय अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई थी।

पुलिस द्वारा प्रस्तुत पुख्ता साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर, माननीय अदालत ने सभी पाँचों आरोपियों को दोषी पाया और निम्नलिखित कठोर सज़ाएं सुनाईं:
मुख्य आरोपी भरत को सज़ा: आरोपी भरत को हत्या (धारा 302 IPC) के तहत उम्रकैद (कठोर कारावास) और ₹50,000 जुर्माने की सज़ा दी गई। इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने (धारा 201 IPC) के तहत 5 वर्ष की कैद और ₹10,000 जुर्माना, शस्त्र अधिनियम की धारा 25-1B के तहत 5 वर्ष की कैद और ₹25,000 जुर्माना, तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 27(1) के तहत 7 वर्ष की कैद और ₹25,000 जुर्माना भी लगाया गया है।
अन्य चार आरोपियों को सज़ा: आरोपी मुकेश उर्फ प्रिंस, मोहित लाम्बा, पुनीत, और अनमोल को शस्त्र अधिनियम की धारा 27(1) के तहत 7 वर्ष की सख़्त कैद और प्रत्येक पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया गया है।












