Sad News : हरियाणा के पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत का निधन, दोपहर 12 बजे झाड़सा में दी जाएगी अंतिम विदाई
पुत्र ने दी जानकारी, आज पैतृक गांव झाड़सा में होगा अंतिम संस्कार ; सीएम सैनी ने व्यक्त किया गहरा शोक

Sad News : हरियाणा की राजनीति के दिग्गज और पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत अब हमारे बीच नहीं रहे। उनके निधन की आधिकारिक जानकारी उनके सुपुत्र द्वारा साझा की गई, जिसके बाद पूरे प्रदेश और विशेषकर गुरुग्राम में शोक की लहर दौड़ गई है। 77 वर्षीय गहलोत पिछले काफी समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उन्होंने रविवार सुबह सेक्टर-28 स्थित जनप्रतिनिधि अपार्टमेंट में अंतिम सांस ली।

राजनीतिक कद और योगदान
गोपीचंद गहलोत हरियाणा के उन नेताओं में शुमार थे जिन्होंने धरातल से जुड़कर राजनीति की। उन्होंने साल 2000 में गुड़गांव विधानसभा सीट से बड़ी जीत हासिल की और इनेलो सरकार के दौरान हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर की जिम्मेदारी संभाली। राजनीति के प्रति उनका समर्पण ऐसा था कि उन्होंने 2005 और 2014 के चुनावों में भी पूरी ताकत के साथ भागीदारी की। बाद में वे भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गए और भाजपा को जिले में मजबूती प्रदान करने के लिए वरिष्ठ नेता के रूप में सक्रिय रहे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का भावुक ट्वीट
गहलोत के निधन पर प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर अपनी संवेदनाएं साझा कीं:
“हरियाणा के पूर्व डिप्टी स्पीकर श्री गोपीचंद गहलोत जी के निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। उनका विनम्र स्वभाव और जनहित के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति!”
दोपहर 12 बजे पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
गोपीचंद गहलोत का अपने पैतृक गांव झाड़सा से गहरा लगाव था। उनके परिवार के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर आज अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा और दोपहर 12 बजे झाड़सा स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उनके अंतिम सफर में बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय निवासियों के शामिल होने की उम्मीद है।
एक युग का अंत
क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने उनके निधन को एक युग का अंत बताया है। गोपीचंद गहलोत को उनके सरल स्वभाव और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए याद किया जाएगा। उनके जाने से हरियाणा भाजपा और गुरुग्राम के सामाजिक ढांचे को एक बड़ी क्षति हुई है।