PM Modi’s की ईंधन बचत की मुहिम (Advice) पर फिरा पानी! केंद्रीय मंत्री का लंबा काफिला बना चर्चा का विषय
जब प्रधानमंत्री मांग रहे हैं ईंधन में सहयोग, तब जनप्रतिनिधियों के दौरों में क्यों उमड़ रहा है गाड़ियों का सैलाब?

PM Modi’s Advice : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और ईंधन बचत को एक जन-आंदोलन बनाने की अपील कर रहे हैं। इसी बीच, गुरुग्राम में केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के दौरे के दौरान दिखा वाहनों का लंबा काफिला चर्चा का केंद्र बन गया है।
समर्थकों के उत्साह से लंबा हुआ काफिला मंगलवार को जब केंद्रीय मंत्री का काफिला गुरुग्राम के लघु सचिवालय के सामने से गुजरा, तो वहां करीब 10 से अधिक गाड़ियाँ एक साथ नजर आईं। हालांकि, इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य यह सामने आया है कि इस काफिले में सरकारी वाहनों की संख्या बेहद कम थी। दरअसल, मंत्री जी से जुड़ाव रखने वाले स्थानीय लोग, पार्टी कार्यकर्ता और उनके परिचित अपने निजी वाहनों के साथ उत्साहपूर्वक उनके पीछे चल रहे थे।
ईंधन बचत और जन-प्रतिनिधियों से अपेक्षा भले ही काफिले में निजी गाड़ियाँ अधिक थीं, लेकिन सड़क पर एक साथ चलते इतने वाहनों को देखकर आम जनता के बीच चर्चा शुरू हो गई। वर्तमान में पश्चिम एशिया के संकट और वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन की बचत एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बनी हुई है। ऐसे में लोगों का मानना है कि जब प्रधानमंत्री स्वयं सादगी और संसाधनों के संयमित उपयोग का संदेश दे रहे हैं, तब समर्थकों और कार्यकर्ताओं को भी सार्वजनिक दौरों के समय वाहनों के विवेकपूर्ण उपयोग का ध्यान रखना चाहिए।
जनता का संदेश स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब कोई बड़ा नेता क्षेत्र के दौरे पर निकलता है, तो उनके प्रति प्रेम और समर्थन दिखाना स्वाभाविक है, लेकिन यदि कार्यकर्ता भी सामूहिक वाहनों (Car pooling) का उपयोग करें, तो प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की मुहिम को और अधिक मजबूती मिलेगी। इससे न केवल सड़कों पर जाम की स्थिति कम होगी, बल्कि पर्यावरण और अर्थव्यवस्था के हित में एक सकारात्मक संदेश भी जाएगा।