मंत्री जी के काफिले से पायलट कार (Pilot Car ) गायब!, दो महकमों में मचा हड़कंप : जानिए अंदर की पूरी कहानी
मंत्री रणबीर गंगवा के एक आदेश से, 17 गाड़ियों पर भी गिरी गाज, रूट पर बिना सुरक्षा गाड़ी के क्यों दौड़ेगी मंत्री की कार?

Pilot Car : हरियाणा की सियासत और सरकारी गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के ईंधन बचत व पर्यावरण संरक्षण के आह्वान पर अमल करते हुए सूबे के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (PHE) एवं लोक निर्माण (PWD B&R) मंत्री श्री रणबीर गंगवा ने एक अनूठी और मिसाल कायम करने वाली पहल की है। मंत्री ने अपने काफिले (फ्लीट) से पायलट गाड़ी को हटा दिया है, यानी अब मंत्री जी बिना पायलट गाड़ी के ही सफर करेंगे।
दोनों विभागों की 17 गाड़ियों पर चली ‘कैंची’
मंत्री रणबीर गंगवा के निर्देश पर हाल ही में सरकारी वाहनों के उपयोग को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की गई थी। इस बैठक के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHE) की 9 और लोक निर्माण विभाग (PWD) की 8 गाड़ियों, यानी कुल 17 सरकारी वाहनों को तत्काल प्रभाव से वापस लेने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ये सभी गाड़ियां विभाग के मुख्यालय और संबंधित क्षेत्रों में इस्तेमाल हो रही थीं।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: ‘वर्चुअल मीटिंग और पूल कार’ अपनाएं
संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए मंत्री ने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि:
अधिकारी गैर-जरूरी यात्राओं से बचें और ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल (ऑनलाइन) बैठकों को बढ़ावा दें।
एक ही रूट पर जाने के लिए वाहन साझा उपयोग (Vehicle Pooling) की आदत डालें।
सभी विभागीय अधिकारियों को वाहनों की लॉगबुक और ईंधन खर्च की नियमित निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं।
“सार्वजनिक संसाधनों का पारदर्शी और जवाबदेह उपयोग सुनिश्चित करना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” — रणबीर गंगवा, कैबिनेट मंत्री
मुख्यमंत्री के निर्देश पर लिया गया एक्शन
आपको बता दें कि हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरकारी वाहनों के सीमित उपयोग और ईंधन संरक्षण को लेकर उचित कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में मंत्री रणबीर गंगवा ने खुद से शुरुआत करते हुए न सिर्फ अपने फ्लीट को छोटा किया, बल्कि दोनों बड़े विभागों में फिजूलखर्ची पर भी लगाम लगा दी है। सरकार के आदेश के बाद दोनों विभागों की 17 गाड़ियों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।