Pachgaon Metro Project : 36 किमी लंबे रूट पर बनेंगे 28 स्टेशन, जानें जमीन विवाद के कारण क्यों फंसा पेच
इस रूट के चालू होने से न्यू गुरुग्राम और मानेसर के पास रहने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा।

Pachgaon Metro Project : साइबर सिटी के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को विस्तार देने वाले महत्वाकांक्षी पचगांव मेट्रो प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। सेक्टर-56 से पचगांव तक प्रस्तावित इस 36 किलोमीटर लंबे रूट पर कुल 28 स्टेशन बनाए जाएंगे। हालांकि, प्रोजेक्ट की राह में फिलहाल जमीन अधिग्रहण को लेकर तकनीकी पेच फंस गया है, जिससे निर्माण में देरी की आशंका जताई जा रही है।
हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) ने मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए अधिग्रहित की जाने वाली अपनी जमीन के बदले नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग (DTCP) से मुआवजे की मांग की है। दूसरी ओर, विभाग का तर्क है कि मेट्रो जैसी जनहित की परियोजनाओं के लिए सरकारी जमीन निशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि परियोजना की लागत न बढ़े। इस विवाद का समाधान अब मुख्य सचिव के स्तर पर निकाला जाएगा।
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) ने इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी राइट्स (RITES) को सौंपी है, जिसने 10,428 करोड़ रुपये की डीपीआर (DPR) तैयार की है। इस भारी-भरकम बजट का 90 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा सरकार वहन करेगी, जबकि केंद्र सरकार की ओर से मात्र 10 प्रतिशत राशि दी जाएगी।
इन प्रमुख स्थानों पर बनेंगे स्टेशन मेट्रो रूट गोल्फ कोर्स रोड स्थित सेक्टर-56 रैपिड मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड और एसपीआर (SPR) होते हुए पचगांव तक जाएगा। मुख्य स्टेशनों में शामिल हैं
सेक्टर-56, घाटा, सेक्टर-61, 62, सेक्टर-66, वाटिका चौक।
सेक्टर-69, 70, 75, खेड़की दौला, सेक्टर-36ए।
ग्लोबल सिटी, सेक्टर-88, 84, 85, 89, 90, 91।
कांकरौला, सेक्टर-एम15, एम14 और अंतिम स्टेशन पचगांव।
इस रूट के चालू होने से न्यू गुरुग्राम और मानेसर के पास रहने वाले लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर वाहनों का दबाव कम होगा।