Speed Limit : अब सड़कों पर लगेंगे स्पीड लिमिट के नए साइन बोर्ड, पुरानी स्पीड लिमिट के साइन बोर्ड से मिलेगा छुटकारा
हादसों पर लगाम लगाने के लिए PWD का बड़ा फैसला; रेट्रो-रिफ्लेक्टिव तकनीक से लैस होंगे नए बोर्ड

Speed Limit /नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली की सड़कों पर अब वाहन चालकों को पुरानी और भ्रमित करने वाली स्पीड लिमिट से राहत मिलने वाली है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने दिल्ली की सड़कों पर रोड सेफ्टी बढ़ाने के लिए नई ‘रोड साइनेज गाइडलाइंस’ जारी की हैं। इसके तहत शहर के सभी पुराने साइन बोर्ड बदले जाएंगे और उनकी जगह आधुनिक, चमकीले और अपडेटेड स्पीड लिमिट वाले बोर्ड लगाए जाएंगे।

स्पीड लिमिट में बदलाव: पुराने बोर्ड बन रहे थे सिरदर्द
अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में साल 2021 में लागू हुए नए मोटर वाहन एक्ट के तहत कई मुख्य सड़कों पर स्पीड लिमिट बढ़ा दी गई थी, लेकिन जमीन पर अभी भी पुराने बोर्ड लगे हुए हैं जो 50 किमी/घंटा की पुरानी सीमा ही दर्शाते हैं।
NH-48 (परेड रोड से दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर): यहाँ कारों और जीप के लिए स्पीड लिमिट अब 70 किमी/घंटा है।
DND फ्लाईओवर: यहाँ भी रफ्तार की सीमा बढ़ाकर 70 किमी/घंटा कर दी गई है।
सिंधु बॉर्डर से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर: इस स्ट्रेच पर भी अब 70 किमी/घंटा की रफ्तार मान्य है।
ज्यादातर जगहों पर पुराने बोर्ड लगे होने के कारण गाड़ी चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, क्योंकि सड़क की वास्तविक क्षमता और बोर्ड पर लिखी लिमिट में अंतर था।
रेट्रो-रिफ्लेक्टिव तकनीक: कोहरे में भी दिखेगी साफ राह
नए साइन बोर्ड ‘इंडियन रोड कांग्रेस’ (IRC) के नियमों के तहत बनाए जा रहे हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत इनका रेट्रो-रिफ्लेक्टिव होना है।

विशेष कोटिंग: इन बोर्डों पर खास परावर्तक कांच के पाउडर से बनी पेंटिंग की जाती है, जो लाइट पड़ने पर तेजी से चमकती है।
दृश्यता: इस तकनीक की वजह से घने कोहरे या धुंध के दौरान भी ड्राइवर दूर से ही संकेत देख सकेंगे, जिससे सड़क हादसों में कमी आएगी।
पारदर्शिता के लिए नए नियम
PWD ने गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मैन्युफैक्चरर्स पर भी कड़ी शर्तें लागू की हैं:
वारंटी पीरियड: प्रत्येक साइन बोर्ड की सीट पर मैन्युफैक्चरर को उसकी वारंटी लिखनी होगी।
पहचान: बोर्ड बनाने वाली कंपनी का नाम भी उस पर अंकित करना अनिवार्य होगा।
निष्कर्ष: पुराने और टूटे हुए साइन बोर्डों को हटाकर नए आधुनिक बोर्ड लगाने से न केवल दिल्ली की सड़कों का चेहरा बदलेगा, बल्कि वाहन चालकों को भी सटीक जानकारी मिलेगी। इससे ट्रैफिक का प्रवाह बेहतर होगा और अनावश्यक चालान या भ्रम की स्थिति खत्म होगी।












