Negligence लापरवाही बनी काल: कीटनाशक की बोतल मुंह से खोलना पड़ा भारी, गार्ड की दर्दनाक मौत

गुरुग्राम की इस घटना से सीखें कि जहरीले पदार्थों का इस्तेमाल करते समय क्यों जरूरी है अतिरिक्त सतर्कता ?

Negligence : आधुनिक जीवन में हम कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं जो दिखने में सामान्य लगती हैं, लेकिन एक छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है। गुरुग्राम के भोंडसी क्षेत्र से सामने आई एक दुखद घटना ने सुरक्षा मानकों और व्यक्तिगत सावधानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक सुरक्षा गार्ड की केवल इसलिए जान चली गई क्योंकि उसने कीटनाशक की बोतल को हाथ के बजाय मुंह से खोलने की कोशिश की थी।

मूल रूप से उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले 56 वर्षीय सरजीत, गुरुग्राम के मारुति कुंज क्षेत्र में सुरक्षा गार्ड के रूप में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, करीब पांच दिन पहले सरजीत किसी काम के लिए कीटनाशक (Pesticide) की बोतल खोलने का प्रयास कर रहे थे। जब ढक्कन हाथ से नहीं खुला, तो उन्होंने अनजाने में उसे दांतों से खोलने की कोशिश की।  इसी दौरान कीटनाशक की कुछ बूंदें उनके मुंह में चली गईं। जहरीला पदार्थ शरीर के अंदर पहुंचते ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। उन्हें तुरंत बादशाहपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिनों तक जीवन और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शुक्रवार सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।

यह घटना चीख-चीख कर कह रही है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी महंगी पड़ सकती है। अक्सर हम घरेलू कामों या खेती-बाड़ी के दौरान कीटनाशकों को सामान्य रसायन समझकर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इनकी एक बूंद भी तंत्रिका तंत्र को ठप करने के लिए काफी होती है। सरजीत की मौत का मुख्य कारण वह ‘क्षण भर की लापरवाही’ रही, जिसमें उन्होंने बोतल खोलने के लिए मुंह का सहारा लिया।

कीटनाशक और जहरीले रसायनों का उपयोग करते समय नीचे दी गई बातों का पालन करना अनिवार्य है, ताकि ऐसी अनहोनी से बचा जा सके:

  • उपकरणों का प्रयोग करें: कभी भी किसी भी बोतल, विशेषकर रसायनों वाली, का ढक्कन मुंह या दांतों से खोलने की कोशिश न करें। इसके लिए हमेशा ओपनर या प्लास (Pliers) का प्रयोग करें।

  • लेबल जरूर पढ़ें: किसी भी जहरीले पदार्थ के उपयोग से पहले उसके पैकेट पर दिए गए सुरक्षा निर्देशों को ध्यान से पढ़ें।

  • सुरक्षा किट का इस्तेमाल: कीटनाशक का छिड़काव या उपयोग करते समय हाथों में दस्ताने (Gloves) और चेहरे पर मास्क जरूर लगाएं।

  • बच्चों की पहुंच से दूर: ऐसे घातक रसायनों को हमेशा ऊंचाई पर या ताले में रखें ताकि बच्चे या अनजान व्यक्ति इनके संपर्क में न आएं।

  • हाथों की सफाई: उपयोग के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं और उपयोग किए गए बर्तनों को अलग रखें।

निष्कर्ष: गुरुग्राम की यह घटना समाज के लिए एक कड़ा सबक है। सुरक्षा केवल दूसरों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि स्वयं के प्रति भी एक कर्तव्य है। याद रखें, आपकी एक छोटी सी सावधानी आपके परिवार को एक बड़े दुखों के पहाड़ से बचा सकती है। कीटनाशक दवाएं जान बचाने के लिए (फसलों की) होती हैं, लेकिन गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर ये जान ले भी सकती हैं।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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