Naming Ceremony: संगीनों के साये में होगा बच्चियों का नामकरण, गैंगस्टर ‘काला जठेड़ी, निभाएगा पिता का फर्ज
जुड़वां बेटियों के 80 दिन पूरे होने पर जठेड़ी गाँव में होगा हवन-यज्ञ; 5 घंटे की मिली कस्टडी पैरोल, भारी पुलिस बल रहेगा तैनात

Naming Ceremony/सोनीपत/नई दिल्ली
हरियाणा का कुख्यात गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी एक बार फिर तिहाड़ जेल की सलाखों से बाहर आ रहा है। अपने गाँव जठेड़ी में आयोजित होने वाले पारिवारिक समारोह Naming Ceremony में हिस्सा लेने के लिए उसे अदालत की ओर से 5 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की गई है। अवसर है, उसकी जुड़वां बेटियों के जन्म के 80 दिन पूरे होने पर आयोजित हवन-यज्ञ, नामकरण संस्कार (Naming Ceremony) और अन्य धार्मिक रस्मों का।

इस विशेष आयोजन के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं और तिहाड़ जेल से जठेड़ी गाँव तक का सफर भारी पुलिस घेरे में तय होगा।
Naming Ceremony : 5 घंटे की मिली पैरोल, खर्च उठाएगा परिवार
काला जठेड़ी की पत्नी और ‘लेडी डॉन’ के नाम से चर्चित अनुराधा चौधरी ने बताया कि शुरुआत में 6 घंटे की कस्टडी पैरोल के लिए आवेदन दिया गया था। हालांकि, प्रशासनिक नियमों और सुरक्षा गाइडलाइन्स को ध्यान में रखते हुए 5 घंटे की मंजूरी मिली है। अनुराधा के अनुसार, “सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों की एक शिफ्ट 5 घंटे की होती है। पैरोल के दौरान आने वाला पूरा सुरक्षा खर्च नियमानुसार हमें ही उठाना पड़ता है। अगर 10 घंटे की पैरोल ली जाती तो दो शिफ्टों का भारी खर्च वहन करना पड़ता, जो व्यावहारिक नहीं था।”
तय कार्यक्रम के मुताबिक, जठेड़ी सुबह 11 बजे अपने पैतृक गाँव पहुंचेगा और शाम 4 बजे तक धार्मिक व पारिवारिक अनुष्ठानों (Naming Ceremony) में मौजूद रहेगा।
Naming Ceremony : अस्पताल के बाद अब गाँव में बेटियों से मिलने की इजाजत
यह दूसरा मौका है जब काला जठेड़ी अपनी बेटियों से मिलने जेल से बाहर आ रहा है। इससे पहले 1 जुलाई को इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) तकनीक से गुरुग्राम के एक अस्पताल में अनुराधा ने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान स्थिति गंभीर होने पर सीजेरियन डिलीवरी करनी पड़ी थी। उस वक्त भी जठेड़ी को कोर्ट के आदेश पर 4 घंटे की पैरोल पर अस्पताल लाया गया था। सुरक्षा कारणों से अदालत ने अस्पताल का नाम गुप्त रखने का सख्त निर्देश दिया था।
Naming Ceremony : अपराध, प्यार और शादी: तिहाड़ से संतोष गार्डन तक का सफर
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, रंगदारी और फिरौती जैसे 30 से ज्यादा संगीन मामलों का सामना कर रहे काला जठेड़ी को 30 जुलाई 2021 को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। गैंगस्टर काला जठेड़ी और राजस्थान के सीकर की रहने वाली अनुराधा चौधरी की मुलाकात साल 2020 में हुई थी। अनुराधा का अतीत भी आपराधिक रहा है, जहाँ कभी वह कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की करीबी सहयोगी मानी जाती थी।
लंबी कानूनी प्रक्रिया और कस्टडी के बीच दोनों ने 12 मार्च 2024 को दिल्ली के द्वारका स्थित संतोष गार्डन में विवाह किया था। द्वारका कोर्ट ने शादी के लिए भी उसे 6 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी। अनुराधा का दावा है कि उसके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे अब समाप्त हो चुके हैं और वह पूरी तरह से मुख्यधारा में लौट चुकी हैं।
