100 से अधिक लड़ाकू विमानों का हुआ इस्तेमाल , बंदरगाहों को बनाया निशाना

यमन में इजरायल ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला किया है। इस ऑपरेशन में 100 से अधिक लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया गया। इजरायली सेना ने हूतियों के ठिकानों को निशाना बनाते हुए सना हवाई अड्डा और तीन प्रमुख बंदरगाहों पर जबरदस्त हमला किया। यह कार्रवाई अमेरिका के साथ समन्वय में की गई। हूती विद्रोही पिछले कई सालों से यमन में सक्रिय हैं और इस क्षेत्र में अस्थिरता का कारण बने हुए हैं। हाल ही में हूतियों की तरफ से इजरायल और अमेरिका के सहयोगियों पर हमले तेज कर दिए गए थे। इजरायल ने इसे अपनी सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए यह बड़ा कदम उठाया। इस हमले में इजरायल ने 100 से ज्यादा फाइटर जेट का इस्तेमाल किया। यह ऑपरेशन तकनीकी और सामरिक दृष्टि से बेहद संगठित था। विमानों ने हूतियों के गोदाम, हथियारों के ठिकाने, और रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया। सना हवाई अड्डा, जो हूतियों के लिए एक अहम केंद्र है, पूरी तरह तबाह कर दिया गया। इस ऑपरेशन को अंजाम देने में इजरायल को अमेरिका का पूरा समर्थन मिला। अमेरिकी सेना और खुफिया एजेंसियों ने इजरायल को जानकारी और रणनीतिक मदद दी। यह हमले अमेरिका और इजरायल के सहयोग का उदाहरण है। हूती विद्रोहियों ने इजरायल के इस हमले की निंदा की है और इसे आक्रामक कदम बताया। उन्होंने दावा किया कि उनके कई नागरिक ठिकाने भी इस हमले में प्रभावित हुए हैं। हूतियों ने चेतावनी दी है कि वे इसका जवाब देंगे। इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव बढ़ गया है। कई देशों ने यमन में बढ़ती हिंसा पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के माध्यम से समस्या का हल निकालने की अपील की है।










