MCG Election: 11 अगस्त को सीनियर-डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर होगा मतदान
सोमवार का दिन नगर निगम के लिए सिर्फ चुनाव का दिन नहीं है, बल्कि यह शहर के भविष्य की दिशा भी तय करेगा। चुनाव के तुरंत बाद, नए पदाधिकारियों की मौजूदगी में सदन की पहली बैठक होगी। इस बैठक का एक और मुख्य काम वित्त एवं संविदा कमेटी (एफएंडसीसी) का गठन करना है

MCG election: गुरुग्राम नगर निगम में सीनियर-डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के दो महत्वपूर्ण पदों के लिए सोमवार 11 अगस्त को चुनाव होने जा रहा है। यह चुनाव सुबह 11 बजे हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के बैठक हॉल में शुरू होगा। नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण दोनों पदों पर भाजपा उम्मीदवारों की जीत लगभग पक्की मानी जा रही है।
भाजपा के लिए यह चुनाव भले ही एक formality हो, लेकिन पार्टी के अंदर इन पदों के लिए जोरदार competition था। सूत्रों के मुताबिक, छह से ज्यादा पार्षदों ने इन पदों के लिए अपनी दावेदारी पेश की थी। चंडीगढ़ में हुई एक मीटिंग के बाद पार्टी ने दो नामों पर फैसला कर लिया है।
इन नामों का ऐलान चुनाव के दौरान ही किया जाएगा। भाजपा की कोशिश है कि यह चुनाव बिना किसी विरोध के हो, ताकि पार्टी के अंदर किसी भी तरह की गुटबाजी से बचा जा सके। 12 मार्च को हुए निगम चुनाव में भाजपा के 23 पार्षद और 9 निर्दलीय पार्षद जीते थे। इनमें से कई निर्दलीय पार्षद भी भाजपा से नाराज होकर चुनाव लड़े थे।
भले ही भाजपा बहुमत में है, लेकिन चुनाव पूरी तरह से आसान नहीं होगा। निर्दलीय पार्षद एकजुट होकर एक मजबूत group बनाने की कोशिश में हैं। अगर निर्दलीय पार्षद मिलकर एक पद पर अपना उम्मीदवार खड़ा करते हैं और चुनाव की मांग करते हैं, तो नियमों के अनुसार मतदान कराना जरूरी होगा। ऐसे में, निर्दलीय पार्षदों की एकजुटता से चुनाव दिलचस्प हो सकता है और भाजपा के लिए निर्विरोध जीत हासिल करना मुश्किल हो सकता है।
सोमवार का दिन नगर निगम के लिए सिर्फ चुनाव का दिन नहीं है, बल्कि यह शहर के भविष्य की दिशा भी तय करेगा। चुनाव के तुरंत बाद, नए पदाधिकारियों की मौजूदगी में सदन की पहली बैठक होगी। इस बैठक का एक और मुख्य काम वित्त एवं संविदा कमेटी (एफएंडसीसी) का गठन करना है। यह कमेटी शहर के विकास कार्यों के लिए टेंडर और खर्चों को मंजूरी देती है, इसलिए इसका गठन बेहद अहम है। आज होने वाले इन घटनाक्रमों से न केवल निगम को नया नेतृत्व मिलेगा, बल्कि आने वाले समय की राजनीतिक स्थिति भी साफ होगी।









