AIIMS में इसी सत्र से शुरू होंगी MBBS की कक्षाएं, केंद्र ने 50 सीटों और OPD को दी मंजूरी
इस एम्स के चालू होने से न केवल रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम जैसे जिलों को लाभ होगा, बल्कि हरियाणा से सटे राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी इलाज के लिए दिल्ली या जयपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

AIIMS : दक्षिण हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत होने जा रही है। माजरा (रेवाड़ी) में निर्माणाधीन देश के 22वें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसी शैक्षणिक सत्र से एमबीबीएस (MBBS) की कक्षाएं शुरू करने की हरी झंडी दे दी है। मंत्रालय ने पहले चरण में 50 सीटों के साथ मेडिकल की पढ़ाई शुरू करने पर अपनी मुहर लगा दी है।
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी देते हुए बताया कि एम्स रेवाड़ी न केवल स्वास्थ्य सेवाओं बल्कि चिकित्सा शिक्षा का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, “एमबीबीएस की 50 सीटों की मंजूरी मिलने के बाद अब यहाँ मेडिकल की पढ़ाई का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही मार्च के अंत तक ओपीडी (OPD) सेवाएं शुरू करने की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।”
माजरा में बन रहा यह एम्स करीब 210 एकड़ भूमि पर फैला है और इस पर लगभग 1700 करोड़ रुपये की लागत आएगी। साल 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसकी घोषणा की थी, लेकिन जमीन विवाद के कारण प्रोजेक्ट में देरी हुई। 2019 में सरकार द्वारा जमीन खरीदने के फैसले के बाद काम ने गति पकड़ी। फिलहाल 50 सीटों की अनुमति मिली है, जिसे आगामी वर्षों में बढ़ाकर 100 किया जाएगा।
इस एम्स के चालू होने से न केवल रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और गुरुग्राम जैसे जिलों को लाभ होगा, बल्कि हरियाणा से सटे राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के लोगों को भी इलाज के लिए दिल्ली या जयपुर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
एम्स प्रशासन ने संस्थान को सुचारू रूप से चलाने के लिए विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिए हैं। करीब 1700 पदों पर भर्ती की योजना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। राव इंद्रजीत सिंह ने करीब तीन माह पहले निर्माण स्थल का निरीक्षण कर अधिकारियों को मार्च तक ओपीडी शुरू करने के कड़े निर्देश दिए थे।