मैग्नस कार्लसन ड्रेस कोड उल्लंघन के कारण डिस्क्वालिफ़ाई हुए


मैग्नस कार्लसन, जो विश्व रैपिड और ब्लिट्ज शतरंज में पांच बार विजेता रहे हैं, को पहले जुर्माना लगाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें विश्व रैपिड और ब्लिट्ज शतरंज से बाहर कर दिया गया। पूर्व चैम्पियन कार्लसन पर 200 डॉलर का जुर्माना लगाया गया। टूर्नामेंट नियमों के अनुसार जींस पहनना मना है। उन्हें कपड़े बदलकर आने का अनुरोध मानने से इनकार करते हुए अयोग्य घोषित किए गए। उनका कहना था कि वे अगले दिन ड्रेस कोड का पालन करेंगे, लेकिन वे तुरंत नहीं बदलेंगे। n फिडे ने कहा कि खिलाड़ियों को ड्रेस कोड के नियमों का पर्याप्त ज्ञान था। फिडे ने एक्स पर एक बयान में कहा, ‘ड्रेस कोड के नियम फिडे खिलाड़ियों के आयोग के सदस्यों ने बनाये हैं, जिसमें पेशेवर खिलाड़ी और विशेषज्ञ हैं। सभी प्रतिभागी वर्षों से इन नियमों को जानते हैं। उन्हें हर टूर्नामेंट से पहले इसकी सूचना दी जाती है।’ n फिडे यह सुनिश्चित करता है कि खिलाड़ियों के रहने का स्थान आयोजन स्थल के बहुत पांस हो ताकि उन्हें नियमों का पालन करने में सुविधा हो।”मैग्नस कार्लसन ने जींस पहनकर ड्रेस कोड के नियम का उल्लंघन किया,” इसमें कहा गया। लंबे समय से चल रहे कानूनों में स्पष्ट है कि जींस पहनना निषिद्ध है। मुख्य न्यायाधीश ने कार्लसन को इसकी सूचना दी और उसे 200 डॉलर का जुर्माना लगाया। उनसे कपड़े बदलने की मांग की गई, जो वे नहीं मानते थे। इसलिए उन्हें अयोग्य घोषित करना पड़ा।’ n रूस के ग्रैंडमास्टर इयान नेपोम्नियाश्चि ने इससे पहले भी इस नियम का उल्लंघन किया था, लेकिन वह कपड़े बदलकर वापस आ गए, जिससे उन्हें बाहर नहीं किया गया था। कार्लसन ने फिडे की ड्रेस कोड नियम से परेशान होकर ब्लिट्ज वर्ग से बाहर निकल गया। नॉर्वेई मीडिया से उन्होंने कहा, “मैं फिडे से तंग आ चुका हूं और अब और नहीं सह सकता।” मैं सबसे माफी मांगता हूँ। यह नियम बहुत अजीब है। कल मैं उनके कपड़े बदल सकता था, लेकिन वे इसे सुनने को तैयार नहीं हैं।’ n यह घटना शतरंज जगत में ड्रेस कोड और अनुशासन के महत्व को फिर से उजागर करती है और यह भी दर्शाती है कि किसी भी खेल में नियमों का पालन करना कितना जरूरी है। n यह भी पढ़ें : 2024 के प्रमुख गूगल ट्रेंड्स में टी-20 वर्ल्ड कप शीर्ष पर रहा।  

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