फेसबुक पर Cheap Cow ‘सस्ती गाय’ का लालच पड़ा महंगा: गुरुग्राम के युवक से 27 बार में ठगे ₹1.11 लाख
डिजिटल ठगों ने बनाया 'डेयरी फार्म संचालक' बनकर शिकार; 37 हजार की गाय के नाम पर ले उड़े एक लाख से ज्यादा, पुलिस ने शुरू की जांच

Cheap Cow : अगर आप भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक या इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखकर खरीदारी करने के शौकीन हैं, तो यह खबर आपकी आंखें खोल देने वाली है। गुरुग्राम के मानेसर इलाके में एक युवक को फेसबुक के जरिए गाय खरीदना इतना महंगा पड़ा कि उसे अपनी मेहनत की कमाई के 1.11 लाख रुपये गंवाने पड़े। हैरानी की बात यह है कि ठगों ने पीड़ित को इस कदर अपने जाल में फंसाया कि उसने एक-दो नहीं, बल्कि 27 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे ट्रांसफर कर दिए।
फेसबुक वीडियो से शुरू हुआ ‘ठगी का खेल’
पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, गांव अलिमुदीनपुर निवासी संदीप कुमार ने 5 फरवरी को फेसबुक पर Cheap Cow का एक आकर्षक वीडियो देखा था। वीडियो में गाय की बिक्री का विज्ञापन था, जिसके नीचे एक मोबाइल नंबर दिया गया था। संदीप ने जब उस नंबर पर संपर्क किया, तो आरोपी ने खुद को राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित एक प्रतिष्ठित ‘डेयरी फार्म’ का संचालक बताया।
किस्तों में लूट: 37 हजार की डील और 1.11 लाख की चपत
आरोपी ने बड़ी चतुराई से संदीप का भरोसा जीता और मात्र 37,500 रुपये में गाय देने का सौदा तय किया। इसके बाद ठगी का सिलसिला कुछ इस तरह चला:
पहला बहाना: ट्रांसपोर्ट शुल्क के नाम पर ₹2,000 मंगवाए।
अगला जाल: इसके बाद रास्ते का खर्च, पशु क्रूरता सर्टिफिकेट, सरकारी कागजी कार्रवाई और इंश्योरेंस जैसे फर्जी बहाने बनाकर पैसे मांगे गए।
मनोवैज्ञानिक दबाव: पीड़ित को भरोसा दिलाया गया कि जैसे ही गाय घर पहुँचेगी, अतिरिक्त पैसे वापस कर दिए जाएंगे। भरोसे में आकर संदीप ने कुल 27 बार में ₹1,11,140 फोनपे (PhonePe) के जरिए भेज दिए।
जब तक समझ आता, तब तक लुट चुकी थी कमाई
बार-बार पैसों की मांग जारी रहने पर जब संदीप को शक हुआ, तो उसने अपने पैसे वापस मांगे। इसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना मानेसर ने अब इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एसआई जितेंद्र कुमार को सौंपी गई है।
पुलिस की चेतावनी: “साइबर अपराधी अब ग्रामीण क्षेत्रों और पशुपालन जैसे क्षेत्रों को निशाना बना रहे हैं। किसी भी अनजान लिंक या क्यूआर कोड को स्कैन न करें और न ही बिना जांचे-परखे ऑनलाइन भुगतान करें। “साइबर एक्सपर्ट्स और पुलिस लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर लुभावने विज्ञापन पर भरोसा न करें।
वेरिफिकेशन जरूरी: किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे भेजने से पहले उनके पते और संस्थान की भौतिक जांच (Physical Verification) जरूर करें।
सस्ते का लालच: बाजार भाव से बहुत कम कीमत पर मिलने वाली चीजें अक्सर ठगी का जाल होती हैं।
ट्रांजैक्शन पर रोक: यदि कोई आपसे बार-बार अलग-अलग शुल्कों के नाम पर पैसे मांगे, तो समझ लें कि आप ठगी का शिकार हो रहे हैं। तुरंत 1930 पर कॉल कर साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट करें।