Lightning पटौदी में बिजली का तांडव: गदईपुर में मकान की छत टूटी, जानिए क्यों गिरती है बिजली और कैसे बचें?

जोरदार धमाके से कई किलोमीटर तक फैली दहशत, भारी माली नुकसान के बीच जान का जोखिम टला।

Lightning : बुधवार की शाम पटौदी इलाके के गदईपुर गांव में कुदरत का एक खौफनाक मंजर देखने को मिला। बुधवार शाम लगभग 07:30 बजे गदईपुर निवासी रामकिशन के मकान पर अचानक आसमानी बिजली (Lightning) गिर गई। यह धमाका इतना जोरदार था कि इसकी गूँज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी, जिससे पूरे गांव में हड़कंप मच गया।

आसमानी बिजलीप्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, बुधवार शाम को मौसम अचानक बदला और तेज गर्जना शुरू हो गई। करीब साढ़े सात बजे एक कान फाड़ देने वाले धमाके के साथ आसमानी बिजली सीधे रामकिशन के घर के ऊपरी हिस्से यानी ममटी (सीढ़ी-घर) पर गिरी। बिजली गिरने की तीव्रता इतनी अधिक थी कि चौबारे की छत का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और उसकी दीवारें चटक गईं। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण सहम गए और आनन-फानन में रामकिशन के घर की ओर दौड़े।

इस प्राकृतिक आपदा में रामकिशन का भारी माली नुकसान हुआ है। बिजली गिरने से घर के भीतर हाई वोल्टेज करंट फैल गया, जिससे चौबारे में रखे इन्वर्टर और बैटरी के परखच्चे उड़ गए। इतना ही नहीं, घर में लगे अन्य बिजली के उपकरण—जैसे टीवी, फ्रिज, पंखे और एलईडी बल्ब—पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

गनीमत यह रही कि जिस समय यह हादसा हुआ, उस समय परिवार का कोई भी सदस्य उस ममटी (सीढ़ी-घर) में मौजूद नहीं था जिसकी छत गिरी। परिवार के सदस्य घर के निचले हिस्से में थे, जिसके कारण एक बड़ी जनहानि होने से टल गई। हालांकि, मकान की संरचना और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के नुकसान से परिवार को गहरा आर्थिक झटका लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।

सावधानी ही बचाव: आसमानी बिजली गिरते समय क्या करें?

हरियाणा के इस क्षेत्र में अक्सर प्री-मानसून और मानसून के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं सामने आती हैं। ऐसी स्थिति में जान-माल की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतनी अत्यंत आवश्यक हैं:


1. घर के भीतर रहने पर सावधानियां:

  • बिजली के उपकरण बंद करें: जैसे ही बिजली कड़कने लगे, घर के मुख्य स्विच (Main Switch) को बंद कर दें। टीवी, कंप्यूटर और फ्रिज के प्लग निकाल दें।

  • पानी के संपर्क से बचें: बिजली कड़कते समय नहाना, बर्तन धोना या हाथ धोना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि पानी और पाइपलाइन बिजली के सुचालक हो सकते हैं।

  • लैंडलाइन फोन का प्रयोग न करें: इस दौरान तार वाले फोन का इस्तेमाल करने से बचें, मोबाइल फोन का उपयोग सुरक्षित है बशर्ते आप चार्जर से दूर हों।

  • खिड़की-दरवाजों से दूर रहें: धातु के फ्रेम वाली खिड़कियों और दरवाजों से दूर हटकर घर के बीच वाले हिस्से में रहें।


2. बाहर या खुले में होने पर क्या करें:

  • पेड़ों के नीचे शरण न लें: बिजली अक्सर ऊंचे ऊंटों या पेड़ों पर गिरती है। कभी भी अकेले पेड़ के नीचे खड़े न हों।

  • धातु की वस्तुओं से दूर रहें: साइकिल, ट्रैक्टर, लोहे की ग्रिल या बिजली के खंभों से कम से कम 15-20 फीट की दूरी बना लें।

  • खुले मैदान में ‘तड़ित मुद्रा’ अपनाएं: यदि आप खुले मैदान में फंस गए हैं और छिपने की जगह नहीं है, तो अपने दोनों पैरों को सटाकर जमीन पर उकड़ू बैठ जाएं और अपने कान बंद कर लें। जमीन पर लेटने की गलती कभी न करें।

  • पानी से बाहर निकलें: यदि आप तालाब या किसी जल स्रोत के पास हैं, तो तुरंत वहां से दूर हट जाएं।


3. तड़ित चालक (Lightning Arrester) का महत्व:
ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के मकान बनवाते समय छत पर ‘तड़ित चालक’ यानी कॉपर की रॉड जरूर लगवानी चाहिए। यह आसमानी बिजली को सीधा जमीन (Earthing) के अंदर भेज देती है, जिससे मकान और उसमें रहने वाले लोग सुरक्षित रहते हैं।

गदईपुर की यह घटना हमें याद दिलाती है कि प्रकृति के सामने इंसान बेबस है, लेकिन सही समय पर बरती गई जागरूकता और सावधानी हमें बड़े हादसों से बचा सकती है।


Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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