Killer Husband “वो गला घोंटता रहा, वो रहम मांगती रही” : शराब की एक बोतल के लिए उजड़ गई ममता की गृहस्थी
गुरुग्राम में हैवान बना पति, शराब के चंद रुपयों के लिए सुहाग का कत्ल : पत्नी ने रुपए देने से किया इनकार, तो नशेड़ी पति ने दबा दिया गला, आरोपी गिरफ्तार

Killer Husband : रिश्तों की पवित्रता और विश्वास की डोर जब नशे की भेंट चढ़ जाती है, तो समाज के सामने ऐसी रूह कंपा देने वाली दास्तां सामने आती है। गुरुग्राम के सरस्वती एनक्लेव में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहाँ एक पत्नी ने अपना पूरा जीवन जिस साथी के भरोसे सौंप दिया था, उसी ने शराब के चंद रुपयों के लिए उसके जीवन की डोर ही काट दी।
झूठ की बुनियाद पर रची थी कहानी – बीते 02 मई की शाम, ममता देवी (41) को जब बेसुध हालत में अस्पताल ले जाया गया, तो किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह एक सोची-समझी हत्या है। पति हरि गोपाल शर्मा (46) ने बड़ी चालाकी से पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने दावा किया कि ममता की मौत ‘लो बीपी’ या ‘हार्ट अटैक’ के कारण हुई है। लेकिन कानून के हाथ और पोस्टमार्टम की रिपोर्ट ने उसकी साजिश की परतें खोल दीं। 03 मई को जब रिपोर्ट आई, तो सच सामने खड़ा था—मौत कुदरती नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई हत्या थी।
नशा, बेरोजगारी और एक मासूम की चीख – पुलिस की तफ्तीश में जो हकीकत सामने आई, वह दिल को झकझोर देने वाली है। आरोपी हरि गोपाल पिछले एक महीने से बेरोजगार था और शराब की लत में पूरी तरह डूब चुका था। घर चलाने के लिए जद्दोजहद करती पत्नी से वह बार-बार शराब के लिए पैसों की मांग करता था। वारदात वाले दिन जब ममता ने अपनी गृहस्थी को बिखरने से बचाने के लिए पैसे देने से इनकार किया, तो सनकी पति ने अपना आपा खो दिया और उस गले को दबा दिया जिसने कभी उसके लिए दुआएं मांगी होंगी।
पुलिस की मुस्तैदी से सलाखों के पीछे हत्यारा – थाना सैक्टर-10 की पुलिस टीम ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्परता दिखाई। इंस्पेक्टर और उनकी टीम ने साक्ष्यों को जोड़ते हुए 05 मई को आरोपी हरि गोपाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
समाज के लिए एक चेतावनी – यह घटना सिर्फ एक क्राइम रिपोर्ट नहीं है, बल्कि एक चेतावनी है कि कैसे नशा हंसते-खेलते परिवारों को श्मशान में तब्दील कर रहा है। ममता की मौत ने पीछे कई अनसुलझे सवाल छोड़ दिए हैं। क्या शराब की एक बोतल की कीमत एक इंसान की जान से भी बढ़कर है? पुलिस फिलहाल मामले में आगामी कानूनी कार्यवाही कर रही है, लेकिन सरस्वती एनक्लेव की गलियों में सन्नाटा उस ‘ममता’ को याद कर आज भी सिसक रहा है।
“रिश्तों का कत्ल जब नशे की खातिर होता है, तो इंसानियत भी शर्मसार हो जाती है।”