Kidnappers Killed : अपहरण का खौफनाक अंत, बरेली सड़क हादसे में मारे गए किडनैपर्स, सुरक्षित बचे पिता और दो मासूम बच्चे

मौत बनकर दौड़ी बोलेरो: किडनैपिंग कर भाग रहे बदमाशों का बरेली में एक्सीडेंट, अपहरणकर्ता खत्म, गुरुग्राम का परिवार बाल-बाल बचा

Kidnappers Killed : जाको राखे साइयां मार सके न कोय

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में रविवार दोपहर एक ऐसा सड़क हादसा हुआ, जिसने न केवल पांच लोगों की जान ले ली, बल्कि हरियाणा के गुरुग्राम से जुड़े एक सनसनीखेज अपहरण कांड का भी पर्दाफाश कर दिया। कुदरत का न्याय ऐसा रहा कि मासूम बच्चों को मौत के घाट उतारने की धमकी देने वाले किडनैपर्स खुद मौत के आगोश में समा गए, जबकि किडनैप किए गए दोनों बच्चे और उनके पिता सुरक्षित बचा लिए गए।
Kidnappers

वारदात की शुरुआत: जान-पहचान ने दिया धोखा

इस पूरी कहानी की पटकथा गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-1 इलाके में लिखी गई। मूल रूप से बरेली के फरीदपुर निवासी मनोज पिछले 8 वर्षों से गुरुग्राम में रहकर ऑटो चलाता है। उसकी पत्नी पूजा घरों में खाना बनाने का काम करती है। एक ही गांव का होने के नाते मनोज की जान-पहचान मनमोहन सिंह नाम के युवक से थी, जो करीब 8 महीने पहले ही गुरुग्राम शिफ्ट हुआ था। मनोज को अंदाजा भी नहीं था कि उसका अपना ग्रामीण ही उसके खिलाफ साजिश रच रहा है। मनमोहन ने अपने तीन साथियों—विशेष यादव (रामपुर), प्रिंस और सिकंदर (पीलीभीत) के साथ मिलकर मनोज से मोटी रकम वसूलने के लिए अपहरण की योजना बनाई।


शनिवार को हुआ अपहरण, घर में दी धमकी

शनिवार शाम जब मनोज अपने दो बच्चों, मयूर (6 वर्ष) और लक्ष्य (3 वर्ष) को साथ लेकर हनुमान मंदिर के पास सवारियां छोड़ने गया था, तभी मनमोहन और उसके साथियों ने बोलेरो गाड़ी से तीनों का अपहरण कर लिया। आरोपी उन्हें रात में ही बरेली के फरीदपुर ले आए। बदमाशों ने मनोज को मनमोहन के घर पर बंधक बना लिया, जबकि बच्चों की मां पूजा को फोन पर धमकी दी गई कि यदि पुलिस को सूचना दी तो सबको जान से मार देंगे। डर के मारे पूजा ने तुरंत पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद गुरुग्राम की डीएलएफ फेज-1 पुलिस जांच में जुट गई।


रविवार दोपहर: बरेली में काल बनकर खड़ा था टैंकर

रविवार की दोपहर किडनैपर्स दोनों बच्चों को लेकर बोलेरो से गुरुग्राम की ओर वापस जा रहे थे (संभवतः फिरौती के लिए दबाव बनाने हेतु)। दोपहर करीब 3 बजे बरेली के सीबीगंज थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे एक टैंकर खड़ा था। तेज रफ्तार बोलेरो सीधे टैंकर के पीछे जा घुसी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और उसकी छत पूरी तरह उखड़ गई। इसी दौरान पीछे से आ रहे दो बाइक सवार भी बेकाबू बोलेरो से टकरा गए। इस भीषण हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें मास्टरमाइंड मनमोहन सिंह और सिकंदर सहित तीन किडनैपर्स शामिल थे। वहीं, बाइक सवार साहबजाद खां और मुमताज खां की भी इस हादसे में जान चली गई।


हादसे के बाद हुआ बड़ा खुलासा

जब बरेली पुलिस राहत कार्य के लिए पहुंची, तो उन्हें मलबे में तब्दील हो चुकी गाड़ी के भीतर दो मासूम बच्चे बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस ने जब घायल बच्चों को अस्पताल पहुंचाया और होश आने पर उनसे पूछताछ की, तो उन्होंने अपनी मां का नंबर दिया। बरेली के एसपी सिटी मानुष पारीक ने बच्चों की फोटो गुरुग्राम पुलिस को भेजी। फोटो मिलते ही गुरुग्राम पुलिस ने पुष्टि की कि ये वही बच्चे हैं जिनका कल अपहरण हुआ था। इसके तुरंत बाद बरेली पुलिस ने मास्टरमाइंड मनमोहन के घर पर छापा मारा और वहां बंधक बनाकर रखे गए बच्चों के पिता मनोज को भी सही-सलामत बरामद कर लिया।


अपराधी के घर में थी शादी की शहनाई की तैयारी

दिलचस्प और दुखद पहलू यह है कि इस पूरी साजिश का मुख्य आरोपी मनमोहन सिंह 26 अप्रैल को शादी करने वाला था। उसके पिता नत्थू लाल ने बताया कि बेटे ने महज 15 दिन पहले ही नई बोलेरो खरीदी थी। किसी ने नहीं सोचा था कि जिस गाड़ी में डोली आनी थी, वही उसकी और उसके साथियों की मौत का कारण बनेगी।


निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति

इस हादसे में बोलेरो चला रहा ड्राइवर प्रिंस गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज चल रहा है। दोनों बच्चे मयूर और लक्ष्य भी घायल हुए हैं, लेकिन उनकी जान खतरे से बाहर है। गुरुग्राम पुलिस की एक टीम बच्चों की मां पूजा को लेकर बरेली पहुंच चुकी है।

पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह में और भी लोग शामिल थे। इस घटना ने एक बार फिर चरितार्थ कर दिया है कि अपराध का अंत हमेशा बुरा होता है और “जाको राखे साइयां, मार सके न कोय”—अर्थात जिसकी रक्षा ईश्वर करता है, उसका बाल भी बांका नहीं हो सकता।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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