Toll Plaza अब जल्द हटेगा खेड़की दौला टोल प्लाजा: सालों का इंतजार खत्म!
केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के कड़े तेवर; अधिकारियों को एक सप्ताह में 'एक्शन प्लान' तैयार करने का अल्टीमेटम

Toll Plaza : गुरुग्राम और मानेसर के लाखों लोगों के लिए वह बड़ी खुशखबरी अब धरातल पर उतरती दिख रही है जिसका इंतजार पिछले एक दशक से किया जा रहा था। वर्षों के संघर्ष, अनगिनत धरने-प्रदर्शन और नेताओं के बार-बार दिए गए आश्वासनों के बाद अब खेड़की दौला टोल प्लाजा के शिफ्ट होने की घड़ी करीब आ गई है। केंद्रीय राज्य मंत्री और स्थानीय सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने इस मुद्दे को सीधे अपने हाथ में लेते हुए समीक्षा बैठक की और स्पष्ट कर दिया कि अब इस काम में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह सच है कि पिछले कई सालों में मुख्यमंत्री से लेकर केंद्रीय स्तर के नेताओं ने जनसभाओं में इस टोल को हटाने की बातें कहीं, लेकिन तकनीकी और कानूनी अड़चनों के कारण यह शिफ्ट नहीं हो पाया। स्थानीय निवासियों ने इसके खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी और कई बार आंदोलन किए लेकिन अब केंद्रीय मंत्री की सक्रियता ने यह साफ कर दिया है कि पचगांव में टोल शिफ्टिंग की प्रक्रिया को अब अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस टोल के हटने का सबसे बड़ा लाभ नए गुरुग्राम के उन लाखों लोगों को मिलेगा जो प्रतिदिन जाम और आर्थिक बोझ झेलने को मजबूर हैं। विशेष रूप से सेक्टर 84 से लेकर सेक्टर 93 तक के निवासियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा। इन सेक्टर्स में रहने वाले हजारों परिवारों को शहर के दूसरे हिस्सों या दिल्ली जाने के लिए रोजाना इसी टोल से होकर गुजरना पड़ता है जिससे न केवल उनका कीमती समय बर्बाद होता है बल्कि भारी भरकम टोल फीस भी चुकानी पड़ती है। सेक्टर 84, 85, 86, 89, 90, 91, 92 और 93 के लोगों के लिए कनेक्टिविटी अब बेहद आसान और निर्बाध हो जाएगी जिससे इन क्षेत्रों की रियल एस्टेट वैल्यू और जीवन स्तर में भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।


बैठक के दौरान राव इंद्रजीत सिंह ने अधिकारियों को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर अगले 7 दिनों के भीतर शिफ्टिंग का व्यवहारिक प्रस्ताव तैयार करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पचगांव चौक पर प्रस्तावित नए टोल के साथ वहां ‘नमो भारत’ ट्रेन का स्टेशन और औद्योगिक क्षेत्र भी विकसित होगा जिससे पूरे इलाके की तस्वीर बदल जाएगी। मंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि शिफ्टिंग के दौरान ग्रामीणों, किसानों और राहगीरों के आवागमन में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए। गुरुग्राम के लोग लंबे समय से मांग कर रहे थे कि शहर के बीच स्थित यह टोल विकास की गति को रोकता है और अब प्रशासनिक स्तर पर आई यह तेजी संकेत दे रही है कि खेड़की दौला टोल अब इतिहास बनने की ओर अग्रसर है। अधिकारियों को ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए पुलिस के साथ मिलकर समन्वय बैठक करने को भी कहा गया है ताकि शिफ्टिंग का काम सुचारू रूप से शुरू हो सके।











