International Gang Busted: फिलीपींस-कंबोडिया से संचालित अंतरराष्ट्रीय ठग गिरोह का पर्दाफाश, 5 आरोपी गिरफ्तार

डिजिटल अरेस्ट और कॉल डायवर्जन के लिए चल रहा था अवैध सिम बॉक्स का खेल, भारी मात्रा में चीनी उपकरण बरामद

International Thag Gang Busted : साइबर सिटी गुरुग्राम की पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे एक बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क को ध्वस्त करने में बड़ी सफलता हासिल की है। फिलीपींस और कंबोडिया से संचालित होने वाले इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गुरुग्राम पुलिस ने 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अवैध सिम बॉक्स (GSM Gateway) के जरिए कॉल डायवर्ट कर ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी वारदातों को अंजाम दे रहा था।

चीन-नेपाल-बिहार रूट से आते थे अवैध उपकरण

जांच में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिम बॉक्स और अन्य तकनीकी उपकरण चीन से नेपाल लाए जाते थे। इसके बाद इन्हें बिहार के रास्ते भारत के विभिन्न शहरों में सप्लाई किया जाता था। आरोपी राहुल कुमार ने पूछताछ में बताया कि वह वीडियो कॉल के जरिए फिलीपींस में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर इन उपकरणों को सेटअप करता था।

छापेमारी में बरामद हुआ ‘साइबर ठगी का जखीरा’

सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) साइबर अपराध, श्री प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में गठित SIT ने यू-ब्लॉक और चकरपुर के विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:

  • 13 सिम बॉक्स और 504 सिम कार्ड

  • 07 वाईफाई TAPO कैमरा (ह्यूमन डिटेक्शन फीचर के साथ)।

  • 07 वाई-फाई राउटर, 29 स्मार्ट स्विच और 28 ईथरनेट वायर

  • 07 इनवर्टर और 30 बैटरी (ताकि सिस्टम 24 घंटे चलता रहे)।

  • चाइना कार्टून बॉक्स और रेलवे टिकट।


देश के अलग-अलग कोनों से दबोचे गए आरोपी

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है:

  1. राहुल कुमार (कासगंज, यूपी) – मुख्य ऑपरेटर और सेटअप विशेषज्ञ।

  2. सागर (जलगांव, महाराष्ट्र) – गुरुग्राम में रूम और इंटरनेट अरेंज करता था।

  3. यश अमृत सिंह (अहमदाबाद, गुजरात) – रुपयों को USDT (क्रिप्टोकरेंसी) में बदलने का काम करता था।

  4. भाविका रमेश (कच्छ, गुजरात) – कंबोडिया में बैठे हैंडलर्स से संपर्क में रहती थी।

  5. लितेश (जलगांव, महाराष्ट्र) – तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता।


‘साइबर स्लेवरी’ का भी हुआ खुलासा

पूछताछ में सामने आया है कि यह गिरोह न केवल ठगी करता था, बल्कि ‘साइबर स्लेवरी’ (Cyber Slavery) में भी शामिल था। ये लोग भोले-भाले युवाओं को कंबोडिया भेजते थे, जहां उनसे जबरन साइबर अपराध करवाए जाते थे। आरोपियों ने अब तक 2,258 फर्जी सिम कार्ड्स में रिचार्ज करवाकर डिजिटल अरेस्टिंग की वारदातों को अंजाम दिया है।

गुरुग्राम पुलिस अब इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की और भी कड़ियों को जोड़ा जा सके और मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जा सके।


Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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