सात साल बाद लौटेगी हॉकी इंडिया लीग, आठ टीमें होंगी शामिल

सात साल के बाद हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) की शुरुआत से भारतीय हॉकी में एक नया युग शुरू होगा। शनिवार को गोनासिका विजाग और दिल्ली एसजी पाइपर्स पहले खेलेंगे। एचआईएल में आठ टीमों का मुकाबला बिरसा मुंडा स्टेडियम में खेला जाएगा. एक फरवरी को फाइनल होगा। n टीमें पहले चरण में 18 जनवरी तक एक-दूसरे से खेलेंगी। 19 जनवरी से दूसरा चरण खेला जाएगा। हॉकी इंडिया लीग टीमों को इसमें दो पूल में बाँटा जाएगा। दिल्ली एसजी पाइपर्स, शारची रारह बंगाल टाइगर्स, सूरमा हॉकी क्लब और वेदांता कलिंगा लैंसर्स की टीमें पूल ए में खेलेंगे, जबकि गोनासिका, हैदराबाद तूफान, तमिलनाडू ड्रैगन्स और यूपी रुद्रास की टीमें पूल बी में खेलेंगे। सभी टीमें पूल में एक बार एक दूसरे से खेलेंगी। 31 जनवरी को शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में जाएंगी।दिल्ली एस जी पाइपर्स अपने अभियान की शुरुआत सकारात्मक ढंग से करना चाहेगा। ओलंपिक पदक विजेता शमशेर सिंह और ऑस्ट्रेलिया के जैक वेटन इसके संयुक्त कप्तान होंगे। दिल्ली की टीम बलशाली लगती है। टीम ने भुवनेश्वर में शिविर में अच्छी तैयारियां की हैं। n महिला लीग भी पहली बार चार टीमों से होगी। n चार टीमों की महिला हॉकी लीग भी इस बार शुरू होगी। 12 जनवरी से रांची में महिला लीग शुरू होगी। मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम में इन खेलों का आयोजन किया जाएगा। पूल चरण के बाद 26 जनवरी को फाइनल में पहली दो टीमें खेलेंगी। n लीग की शुरुआत में पहले से ही काफी उत्साह है। भारतीय हॉकी टीम के कोच और अन्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस लीग के पुनः प्रारंभ होने से भारतीय हॉकी को न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि यह युवा खिलाड़ियों को भी प्रेरित करेगा। इसके अलावा, यह लीग भारतीय हॉकी के लिए एक वित्तीय प्रोत्साहन भी साबित हो सकती है, क्योंकि यह व्यवसायिक दृष्टि से भी सफल हो सकती है। n सात साल बाद जब यह लीग फिर से लौटेगी, तो इससे भारतीय हॉकी में नई उम्मीदें और उत्साह का संचार होगा। यह प्रतियोगिता निश्चित रूप से खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए एक बेहतरीन अनुभव साबित होगी, और भारतीय हॉकी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद करेगी। n यह भी पढ़ें : बॉक्सिंग: विश्व मुक्केबाजी ने एक नई एशियाई संगठन की स्थापना की










