अवैध निर्माण पर High Court की सख्ती: DLF फेज 1-5 के 4183 घरों को Notice, 31 दिसंबर तक आखिरी तारिख

अमित मधोलिया ने दोहराया कि अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेग्युलेशन एक्ट का सीधा उल्लंघन हैं, और आगे की कार्रवाई पूरी तरह से हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (TCPO) विभाग की एनफोर्समेंट विंग गुरुग्राम में सक्रिय हो गई है। विभाग ने डीएलएफ फेज 1 से 5 के उन 4183 प्लॉटों/मकानों की विस्तृत सूची जारी कर दी है, जिनमें अवैध निर्माण या रिहायशी संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग (Commercial Use in Residential Property) जैसे विभिन्न उल्लंघन पाए गए हैं।

विभाग ने एक विस्तृत पब्लिक नोटिस जारी कर सभी प्रभावित प्लॉट/मकान मालिकों को 31 दिसंबर 2025 तक अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया है।

DLF Notice

यह पूरी कार्यवाही सुप्रीम कोर्ट के 28 अक्टूबर 2025 के आदेश के बाद शुरू हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने पाया था कि कई प्रभावित मालिकों को सुनवाई का उचित अवसर नहीं मिला था। इसके बाद, पुराने आदेश को रद्द करते हुए हाईकोर्ट में याचिकाएं बहाल की गईं और राज्य सरकार को व्यापक स्तर पर सूचना जारी करने तथा सभी प्रभावित पक्षों की आपत्तियां सुनने का निर्देश दिया गया।

DTP Amit madholiya

सर्वे रिपोर्ट: विभाग ने हाईकोर्ट के आदेश पर डीएलएफ फेज 1 से 5 में सर्वे किया था, जिसमें कुल 4183 यूनिट्स में उल्लंघन पाए गए। यह रिपोर्ट 22 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट में प्रस्तुत की गई थी।

नई निरीक्षण सूची: 23 जनवरी से 4 अप्रैल 2025 तक किए गए नए निरीक्षणों की सूची भी tcpharyana.gov.in पर उपलब्ध करा दी गई है। डीटीपी एनफोर्समेंट अमित मधोलिया, ने स्पष्ट किया है कि जिन निवासियों के नाम सूची में हैं, वे 31 दिसंबर 2025 तक अपनी आपत्तियां डीटीपी एनफोर्समेंट कार्यालय में जमा करवा दें।

आपत्ति के साथ मकान/प्लॉट मालिक को अपना नाम, पता, संपर्क नंबर तथा निर्माण की वैधता से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज (जैसे स्वीकृत बिल्डिंग प्लान, ओक्यूपेशन सर्टिफिकेट और घर के फोटो) संलग्न करना अनिवार्य होगा।

समय सीमा:निर्धारित तिथि के बाद किसी भी प्रकार की आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा।

आपत्तियां प्राप्त होने के बाद विभाग हाईकोर्ट में एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगा। कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, यह संपूर्ण प्रक्रिया लगभग 45 दिनों में पूरी की जानी है। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी 2026 को निर्धारित है।

अमित मधोलिया ने दोहराया कि अवैध निर्माण और रिहायशी संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेग्युलेशन एक्ट का सीधा उल्लंघन हैं, और आगे की कार्रवाई पूरी तरह से हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जाएगी।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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