Heart Shaking मां रुक जाओ : चिल्लाता रहा बेबस बेटा, 22 साल के जवान बेटे की आंखों के सामने ट्रेन से कटी मां

गुरुग्राम में दिल दहला देने वाला हादसा, रोते-बिलखते बेटे के रोकने से पहले ही मां ने स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस के आगे कूदकर दी जान

Heart Shaking : हरियाणा के गुरुग्राम में एक बेहद दर्दनाक और रूह कपा देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक 22 वर्षीय जवान बेटे के सामने उसकी मां ने तेज रफ्तार ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। हादसा इतना खौफनाक था कि ट्रेन की जोरदार टक्कर से महिला के शव के 100 से अधिक टुकड़े हो गए, जो रेलवे ट्रैक पर करीब एक किलोमीटर दूर तक फैल गए। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मंजर को जिसने भी देखा, उसकी आंखें नम हो गईं और पूरा इलाका दहल उठा।

गढ़ी हरसरू और बसई स्टेशन के बीच हुआ हादसा

राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) से मिली जानकारी के अनुसार, यह दर्दनाक वाकया शुक्रवार शाम को गुरुग्राम के गढ़ी हरसरू और बसई रेलवे स्टेशन के बीच हुआ। दिल्ली से जैसलमेर की तरफ जा रही ‘स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस’ अपने तय समय से गुरुग्राम स्टेशन से रवाना होकर रेवाड़ी की ओर बढ़ रही थी। ट्रेन की रफ्तार काफी तेज थी।

इसी दौरान रेलवे ट्रैक के पास अपने 22 साल के बेटे के साथ खड़ी एक महिला अचानक पटरी पर आ गई। जब तक बेटा कुछ समझ पाता या अपनी मां को पीछे खींचने की कोशिश करता, तब तक महिला ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। ट्रेन के लोको पायलट ने तुरंत इस बेहद गंभीर घटना की सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी, जिसके बाद जीआरपी (GRP) की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची।

शव को समेटने में पुलिस के छूटे पसीने, पहचान हुई उजागर

ट्रेन की गति इतनी भीषण थी कि महिला का शरीर पूरी तरह से क्षत-विक्षत हो गया। पटरी पर दूर-दूर तक बिखरे शव के हिस्सों को एकत्र करने में पुलिस टीम को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने सभी हिस्सों को समेटकर पोस्टमार्टम हाउस भिजवाया। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जांच के बाद मृतका की पहचान 47 वर्षीय सविता के रूप में हुई है, जो अपने परिवार के साथ गुरुग्राम में ही रह रही थीं।

Heart Shacking Tragedy : चार महीने पहले पति की मौत… अवसाद में था पूरा परिवार

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश और जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे की जो कहानी सामने आई है, वह बेहद भावुक और दर्दभरी है। पुलिस के मुताबिक, सविता के पति की महज चार महीने पहले ही कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के कारण मौत हो गई थी। जीवनसाथी के असमय चले जाने से सविता गहरे सदमे में थीं।

पति की मौत के बाद से ही वह लगातार मानसिक तनाव और गहरे अवसाद (Depression) से जूझ रही थीं। घर के मुखिया के जाने का गम और अकेलेपन का दर्द उन पर इस कदर हावी हो गया कि वे अपनी सुध-बुध खो बैठीं। इसी मानसिक पीड़ा के चलते शुक्रवार शाम वह अपने बेटे के साथ ट्रैक के पास पहुंचीं और खौफनाक कदम उठा लिया।

“मां रुक जाओ…” चिल्लाता रहा बेबस बेटा

इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि सविता का 22 साल का इकलौता जवान बेटा अपनी आंखों के सामने मां को मौत के आगोश में जाते देखता रहा। चश्मदीदों और पुलिस के अनुसार, बेटा अपनी मां की मानसिक स्थिति को देखते हुए उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा था। जैसे ही मां पटरी की तरफ बढ़ी, बेटा उन्हें रोकने के लिए चिल्लाया और आगे बढ़ा, लेकिन पलक झपकते ही तेज रफ्तार स्वर्ण नगरी एक्सप्रेस सब कुछ खत्म करके आगे निकल गई।

कुछ ही महीनों के भीतर पहले पिता और अब आंखों के सामने मां को हमेशा के लिए खो देने वाले बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है। जीआरपी पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके। इस दुखद घटना ने मानसिक स्वास्थ्य और अवसाद के समय अपनों की काउंसलिंग व देखभाल के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया है।

Manu Mehta

मनु मेहता पिछले लगभग 18 वर्षों से गुरुग्राम की पत्रकारिता में सक्रिय एक अनुभवी और विश्वसनीय पत्रकार हैं। उन्होंने कई बड़े नेशनल न्यूज़ चैनलों (ANI News, News Express, TV 9,… More »
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