MLA Passes Away हरियाणा के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक का निधन: 104 की उम्र में बिना चश्मे के पढ़ते थे अखबार
सुबह 4 बजे लिया अंतिम सांस, राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर

MLA Passes Away : हरियाणा की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने से जुड़े एक युग का अंत हो गया है। प्रदेश के सबसे बुजुर्ग पूर्व विधायक और बिश्नोई समाज के वरिष्ठ नेता साहीराम धारणियां का 104 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने सुबह करीब 4 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और उनके अंतिम दर्शनों के लिए समर्थकों, राजनीतिक नेताओं और परिजनों का तांता लग गया। 104 वर्ष की उम्र में भी साहिरम धारनियां काफी सक्रिय थे और उनकी सबसे खास बात यह थी कि इस उम्र में भी वे बिना चश्मे के अखबार पढ़ा करते थे।
भट्टू कलां से रहे विधायक: राजनीतिक सफर (MLA Passes Away)
साहीराम धारणियां का राजनीतिक और सामाजिक कद काफी ऊंचा था। उनके विधायक रहने और राजनीतिक सफर का मुख्य विवरण इस प्रकार है:
कहाँ से बने विधायक: साहीराम धारणियां हरियाणा के फतेहाबाद जिले के भट्टू कलां विधानसभा क्षेत्र (अब फतेहाबाद विधानसभा के अंतर्गत) से विधायक चुने गए थे।
कब से कब तक रहे विधायक: वह वर्ष 1967 में हरियाणा की पहली विधानसभा के गठन के बाद हुए चुनावों में भट्टू कलां से विधायक चुने गए थे। उन्होंने क्षेत्र के विकास और जनता की समस्याओं को उठाने में हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई।
अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के अध्यक्ष के रूप में योगदान
साहीराम धारणियां केवल राजनीति तक सीमित नहीं थे, बल्कि सामाजिक सुधारों में भी उनका अतुलनीय योगदान था।
- वह अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।
- समाज के पहले बड़े वकील कराची यूनिवर्सिटी से थे एलएलबी
बिश्नोई समाज के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, वन्यजीवों की रक्षा और समाज में शिक्षा के प्रसार के लिए कई महत्वपूर्ण कार्य किए। समाज में आज भी उन्हें एक मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है।
सादगी और स्वस्थ जीवन की मिसाल (MLA Passes Away)
साहीराम धारणियां का जीवन नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा था। 104 वर्ष की दीर्घायु पाने के बाद भी उनका स्वास्थ्य काफी बेहतर था। बिना चश्मे के अखबार पढ़ने की उनकी आदत उनके अनुशासित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली को दर्शाती थी। उनके चले जाने से बिश्नोई समाज और हरियाणा की राजनीति ने एक ऐसा बुजुर्ग नेता खो दिया है जिसकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा।